फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रूस-यूक्रेन युद्घ ने बिगाड़ा रसोई का बजट

विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण भारत में बढ़ रही महंगाई ने आम जनता को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के कारण तेल, रिफाइंड, दूध, सब्जियों व अन्य कईं वस्तुओं के दाम में तेजी दिख रही है, जिसके कारण गृहणियों के घर का बजट बिगड़ने लगा है। अगर पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोतरी होती है तो गृहणियों की रसोई में महंगाई का और तड़का लग सकता है। जब इस संबंध में कुछ महिलाओं से बात की गई तो उन्होंने इस युद्ध को गैर जरूरी बताया और इसकी निंदा कर समाप्त करने की अपील की।
विज्ञापन

20 प्रतिशत तक बढ़ गया है रसोई का बजट
युद्ध के कारण बढ़ रही महंगाई पर मोहल्ला रामशाला निवासी ममता सैनी का कहना है कि रसोई घर में सबसे ज्यादा जरूरी वस्तुएं आटा, दाल, तेल आदि होती हैं, जिनके दामों में उछाल आ गया है। जंग से पहले जो आटा 320 रुपये प्रति 10 किलो था, वो आज 360 तक पहुंच गया है। रिफाइंड प्रति लीटर 25 से 30 रुपये और दाल भी 10 से 15 रुपये प्रति किलो तक मंहगी होने से रसोई का बजट 20 प्रतिशत तक बढ़ गया है। बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर सरकार को कुछ सोचना चाहिए।
बेवजह दाम बढ़ाने वाले व्यापारियों पर नजर रखे सरकार
रसोई खर्च में हुई बढ़ोतरी के बारे में बाबरी निवासी अलका मित्तल ने कहा कि रूस-यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध यदि लंबा खिंचता है, तो महंगाई बढ़ना तय है। युद्ध के कारण काफी वस्तुओं जिनमें दूध, आटा, दाल, तेल के दाम तो बढ़ भी गए हैं। अगर युद्ध न रुका तो आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि एक तो युद्ध के कारण महंगाई बढ़ रही है, वहीं कुछ व्यापारी जान बूझकर भी वस्तुओं के दाम बढ़ा रहे हैं। सरकार को चाहिए कि ऐसे हालातों में बेवजह वस्तुओं के दाम बढ़ाने वाले दुकानदारों व व्यापारियों पर नजर रखे, ताकि ये लोग युद्ध के नाम पर आम जनता को लूट न सकें।
विज्ञापन

महंगाई तो बढ़ी लेकिन उससे ज्यादा लोगों की मौत का दुख
साकेत कॉलोनी निवासी निरूपमा शर्मा ने कहा कि युद्ध के कारण महंगाई तो बढ़ी है। युद्ध के कारण अरबों रुपया हथियारों के रूप में नष्ट हो रहा है और हजारों जान जा रही हैं। युद्ध कभी किसी समस्या का हल नहीं हो सकता, इसे जल्द से जल्द रोक देना चाहिए। महंगाई बढ़ने का दुख तो है ही इसके अलावा सबसे ज्यादा दुख उन लोगों के लिए हो रहा है, जिन्होंने इसमें अपनों को खो दिया है।
जंग से नहीं हो सकता किसी का भी फायदा
गोशाला रोड निवासी मीरा वर्मा ने कहा कि युद्ध के कारण रिफाइंड तेल प्रति लीटर 30 रुपये बढ़ गया है। इसके अलावा घी के दाम 20 रुपये किलो व सब्जियों के दाम भी 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। जंग से किसी का न तो कभी फायदा हुआ है और न ही कभी हो सकता है। रूस को यूक्रेन पर हमले बंद करने चाहिए ताकि विश्व में दोबारा शांति कायम की जा सके।
विज्ञापन

खाद्य तेलों और घी के भाव प्रति 15 किग्रा (टिन)
तेल पहले अब
सोयाबीन 2030 2300
सूरजमुखी 2150 2550
सरसों 2000 2400
मूंगफली 2350 2600
तिल 2100 2535
रिफाइंड 2230 2670
दाल, चना और बेसन के भाव प्रति किग्रा
दाल पहले अब
अरहर दाल 108 120
चना दाल 72 80
मूंग छिलका 112 124
बेसन 84 90
शैंपू, साबुन और चाय भी महंगी
प्रोडक्ट पहले अब
पतंजलि टूथपेस्ट 200 ग्राम 85 95
शैंपू 340 एमएल 250 300
चायपत्ती एक किलो 450 510
नहाने का साबुन 500 ग्राम का सेट 84 129
कपड़े साबुन 800 ग्राम सेट 88 114
बालों का तेल 200 एमएल 55 65
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें