शामली : डॉ. आरपी सिंह का फाइल फोटो।
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शामली। शहर में बुढ़ाना रोड पर कैलाश नर्सिंग होम के संचालक प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. आरपी सिंह की गोली लगने से मौत होने की सूचना मिलते ही चिकित्सकों समेत पूरे शहर में शोक छा गया। उनके नर्सिंग होम पर पहुंचकर लोगों ने घटना के बारे में जानकारी ली। नर्सिंग होम के स्टाफ और चिकित्सकों ने बताया कि चिकित्सक मिलनसार और खुशमिजाज स्वभाव के थे।
जिला मेरठ के गांव धंजू के मूल निवासी एमबीबीएस, एमएस (ईएनटी) डॉ. आरपी सिंह शामली में करीब 25 साल से रह रहे थे। उनका बुढ़ाना रोड पर कैलाश नर्सिंग होम है। उनकी पत्नी डॉ. अलका सिंह स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ है। चिकित्सक दंपती नर्सिंग होम में बनाए गए आवास में रहते थे। बताया गया है कि उनका देहरादून में भी आवास है। वह अक्सर वीकेंड पर रविवार को छुट्टी से पहले दिन देर शाम को देहरादून चले जाते थे और सोमवार को शामली लौटते थे। इस बार भी शनिवार शाम करीब सात बजे डॉ. आरपी सिंह अपनी पत्नी डॉ. अलका सिंह के साथ देहरादून के लिए निकले थे। रात में सहारनपुर जिले में फतेहपुर थानाक्षेत्र में छुटमलपुर-सहारनपुर हाईवे पर गोली लगने से उनकी मौत हो गई। उनकी मौत की सूचना मिलते ही चिकित्सकों समेत शहर में शोक छा गया।
नर्सिंग होम पर पहुंचकर उनके परिचितों व शुभचिंतकों ने घटना की जानकारी ली और दुख व्यक्त किया। नर्सिंग होम के स्टाफ ने बताया कि चिकित्सक दंपति शनिवार शाम को देहरादून के लिए निकले थे। सब कुछ सामान्य था और किसी तरह की कोई बात नहीं थी, लेकिन जब उन्हें घटना की सूचना मिली तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अकबर खान और डॉ. वेदभानू मलिक आदि चिकित्सकों ने बताया कि डॉ. आरपी सिंह बहुत ही मिलनसार और खुश मिजाज स्वभाव के थे। मरीजों के साथ अन्य सभी लोगों से उनका व्यवहार बहुत सरल और मधुर रहता था। उनके साथ जिस तरह की घटना हुई, उससे सभी को अचानक बड़ा झटका लगा है।