शामली। जिले में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) का भवन तैयार होने के बावजूद संचालन शुरू नहीं हो पाया है। थानाभवन क्षेत्र के मारूखेड़ी गांव में करीब सात करोड़ 50 लाख 25 हजार रुपये की लागत से बने भवन को तैयार हुए लगभग एक साल हो चुका है। हैंडओवर की प्रक्रिया भी पूरी हो गई, लेकिन प्राचार्य और प्रवक्ताओं समेत 41 पदों के सृजन की मंजूरी नहीं मिलने से संस्थान शुरू होने की राह देख रहा है।
शामली जिला बनने के 16 साल बाद भी जिले का डायट मुजफ्फरनगर में संचालित हो रहा है। स्थानीय स्तर पर संस्थान शुरू होने से प्रशिक्षु शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन शासन स्तर पर पदों और बजट की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण इंतजार लंबा होता जा रहा है। उधर, भवन की चहारदीवारी के लिए 31 लाख रुपये का बजट अभी स्वीकृत नहीं हो सका है।
यूपीसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर हेमंत सुंदरियाल के अनुसार बजट मिलने के बाद चहारदीवारी का निर्माण कराया जा सकेगा। डायट प्राचार्य डॉ. हरिकेश यादव ने उम्मीद जताई कि वर्ष 2027 में संस्थान शुरू हो सकता है। इसके लिए शासन की वित्तीय समिति से प्राचार्य, प्रवक्ता समेत 41 पदों और आवश्यक बजट की मंजूरी मिलना जरूरी है।