थानाभवन। प्रधानमंत्री आवास घोटाले में जिला परियोजना अधिकारी, कार्यदायी संस्था, डूडा अधिकारी, अधिशासी अधिकारी व हल्का लेखपाल को दोषी मानते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को पत्र जारी कर सभी दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इन पर आरोप था कि अपात्रों को योजना में लाभार्थी बना दिया था। लोकायुक्त की जांच में इसकी पुष्टि हुई है।
नगर में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत दो हजार से अधिक मकान बनाए गए हैं। योजना में अपना नाम दर्ज कराने के लिए लाभार्थियों को बड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। कुछ लोगों का कहना है कि सभासदों, डूडा अधिकारियों व बिचौलियों को 50 हजार रुपये तक देकर अपना नाम दर्ज कराया है। जिसमें बहुत से ऐसे लोग भी हैं, जो इस योजना के पात्र नहीं हैं। पक्के मकान होने के बावजूद साठगांठ के चलते उन्हें लाभार्थी बना दिया गया। जबकि कई पात्रों को योजना का लाभ नहीं मिला। जिनकी छत जर्जर हाल में पड़ी है। ऐसे ही मामलों को लेकर थानाभवन नगर के मोहल्ला टंकी रोड निवासी सुशील पांचाल ने लोकायुक्त को लगभग एक वर्ष पूर्व भ्रष्टाचार के खिलाफ वाद दायर किया था। जिसमें एक बार रिमाइंडर भी दाखिल किया गया।
लोकायुक्त के आदेश के बाद एडीएम व एसडीएम की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी का गठन किया गया है। लोकायुक्त के आदेश पर जांच कमेटी ने शिकायत की जांच की। जांच में शिकायत सही पाई गई। जिसके उपरांत जिलाधिकारी शामली ने जांच रिपोर्ट में परियोजना अधिकारी, अधिशासी अधिकारी, स्पेस कंबाइन कंपनी व हल्का लेखपाल को दोषी मानकर अधिकारियों के संबंधित विभागों को दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है। लोकायुक्त को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है। लोकायुक्त ने पत्र जारी कर शिकायतकर्ता से दस अक्टूबर तक कार्रवाई से संतुष्टि है या नहीं इस पर का जवाब मांगा है।