शामली। अयोध्या प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अधिकांश ने सराहनीय और ऐतिहासिक बताया। अमर उजाला ने जनप्रतिनिधियों, विभिन्न धर्मों के लोगों, व्यापारियों और आम जन से बात की।
सुप्रीम कोर्ट ने सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर और पूरा अध्ययन कर निष्कर्ष निकाला है। हम सभी को आपस में मिलकर इस फैसले का स्वागत करना चाहिए। हम सभी अपील करते हैं सभी लोग सुप्रीम कोर्ट से इस निर्णय का स्वागत करें। क्योंकि हमसे पहले देश है। जाति, धर्म और समाज उसके बाद। - स्वामी रामनरेश थानाभवन।
देश की सर्वोच्च अदालत का आदेश सर्वमान्य है। इसका हम तहेदिल से सम्मान करते हैं। क्योंकि देश के सौहार्द, अमन व भाईचारा कायम करने के लिए ये किसी भी पक्ष की न हार और न जीत है, बल्कि ये एक लोकतांत्रिक राष्ट्र की विजय है। - मोहम्मद इकबाल भारती, सामाजिक कार्यकर्ता थानाभवन।
सुप्रीम कोर्ट देश की सबसे बड़ी न्याय व्यवस्था है और इस व्यवस्था पर हिंदू-मुस्लिम से लेकर सभी समाज के लोग विश्वास करते हैं। हमारा दायित्व बनता है कि हम इस फैसले का स्वागत करें। हमें हार-जीत की भागदौड़ से आगे निकलते हुए इस निर्णय को सर्वोपरी मानना चाहिए। - स्वामी रामदेव, पंचतीर्थ आश्रम थानाभवन।
सुप्रीम कोर्ट से जो भी फैसला आया है। कस्बे के सभी लोग इसका स्वागत कर रहे हैं। अन्य सभी लोगों को इसका स्वागत करना चाहिए। पूर्व में भी कस्बे में भाईचारा कायम था और आज भी सभी लोग आपसी प्रेम व भाईचारे के साथ रह रहे हैं। हम सुप्रीम कोर्ट से ऊपर नहीं है, सभी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। - इंतजार अजीज, चेयरपर्सन के पति एवं पूर्व चेयरमैन थानाभवन।
सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला सुनाया है हम सब को इसका सम्मान करना चाहिए। इस फैसले से किसी की हार जीत नहीं होती है। दोनों वर्ग के लोग आपस में मिलजुल कर रहें और शांति व्यवस्था बनाएं रखें। - पंडित पीतांबर शर्मा, पुजारी, सिद्धपीठ प्राचीन बाबा बनखंडी महादेव
सुप्रीम कोर्ट ने सालों से चला आ रहा विवाद खत्म कर दिया है। वे अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं। हमें आपस में भाई चारा कायम रखना चाहिए। देश की सर्वोच्च अदालत ने फैसला सही दिया है। - राजीव शास्त्री, पंडित
जमीयत उलमा ए हिंद ने अयोध्या मामले में अदालत के फैसले का सम्मान करने की बात का ऐलान किया था। देश हित में अदालत का निर्णय सबको मान्य होना चाहिए। वो जनता से अपील करते है कि आपस में प्यार मोहब्बत के साथ मिलजुल कर रहें। - मौलाना बरकतउल्ला अमीनी, प्रबंधक, मदरसा इशातुल इस्लाम
- अयोध्या प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक और स्वागत योग्य है। न्यायालय के द्वारा फैैसले आने के बाद दोनों पक्षों को संयम-धैर्य और संदेश में अमन चैन की आवश्यकता है। - प्रदीप चौधरी, सांसद कैराना
- अयोध्या प्रकरण में अच्छा निर्णय आया है। हम सभी कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। लोगों से अपील करते हैं कि शांति व्यवस्था और भाईचारा बनाएं रखें। - अरविंद दृष्टा, कथा वाचक शामली।
- सुप्रीम कोर्ट का फैसला निष्पक्ष और सामाजिक फैसला है। साधु संत समाज के लिए यह फैसला स्वागत योग्य है। - शैलेंद्र गिरि महाराज, महंत गुलजारीवाला मंदिर
- अयोध्या फैसले का लोग इंतजार कर रहे थे। फैसले का सिख समाज स्वागत करता है। - सरदार राजेंद्र पाल सिंह।
- सुप्रीम कोर्ट का फैसला सर्वमान्य स्वागत योग्य है। शांति सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने की जरूरत है। - राजन बत्रा, अध्यक्ष पंजाबी समाज शामली।