कांधला जैन मंदिर में पूजन करती महिलाएं
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दृष्टि की पवित्रता परमात्मा को जन्म देती है
कांधला। श्री दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण धर्म के अंतिम दिन सुबह श्री अनंत जिनेंद्र भगवान का अभिषेक व शांति धारा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
दिगंबर जैन धर्म मे दशलक्षण धर्म के दसवें व अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी को महत्वपूर्ण माना गया है। इस अवसर पर महिलाओं ने व्रत रखा। दोपहर में मंदिर प्रांगण में सुबोध कुमार शास्त्री ने उत्तम ब्रह्मचर्य के बारे में कहा कि दृष्टि की पवित्रता परमात्मा को जन्म देती है। विषय वासना के वशीभूत होकर मनुष्य अपना हित अहित भूल जाता है। गृृहस्थ अवस्था में रहते हुए भी स्वयं को विषय भोग से मुक्त होकर निरंतर अपनी आत्मा का चिंतन करने का अभ्यास करना चाहिए। आत्मा में लीन होने का नाम ब्रह्मचर्य है। इस मौके पर सुभाष जैन, सुरेश जैन, प्रवीण जैन, नत्थूमल जैन, मनोज जैन, जिनेंद्र जैन, कुलदीप जैन, हंस कुमार जैन, विकास जैन आदि मौजूद रहे। संवाद