इस जघन्य हत्याकांड के अगले दिन भजन गायक अजय पाठक के शिष्य रहे हिमांशु सैनी निवासी गांव झाड़खेड़ी थाना कैराना को पानीपत टोल प्लाजा के पास से अजय पाठक की जली हुई गाड़ी व बेटे भागवत के अधजले शव के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था।
पुलिस ने हत्यारे की निशानदेही पर अजय पाठक के घर से लूटे गए लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर व नगदी दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र के संतनगर में एक फ्लैट से बरामद किए थे। हत्याकांड के करीब साढ़े चार साल बाद बुधवार को जनपद एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने हत्यारे हिमांशु सैनी को दोषी ठहराते हुए उसे मृत्यु दंड की सजा सुनाई थी।
सजा के बाद हत्यारे को मुजफ्फरनगर जेल ले जाया गया। जेल सूत्रों के अनुसार फांसी की सजा मिलने के बाद भी हत्यारे को कोई गम नजर नहीं आया। हर दिन की तरह ही उसने रात के समय खाना खाया और पानी पीया। उधर, डेथ वारंट भी जेल भेज दिया गया है। मुजफ्फरनगर जेल के अधीक्षक ने बताया कि अन्य दिनों की तरह ही हिमांशु ने खाने का सेवन किया।
छोटा भाई कर रहा मजदूरी, अपील करने के लिए रुपये नहीं
हत्यारे हिमांशु सैनी के पिता मुकेश सैनी की करीब 11 साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। घर में हिमांशु सैनी की मां जगवती, करीब पांच वर्षीय एक बेटा आयुष और पत्नी वर्षा है। वहीं हिमांशु सैनी के छोटे भाई शैंकी ने बताया कि हत्याकांड के समय वह दिल्ली में ग्रेजुऐशन की पढ़ाई कर रहा था। पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी और अब परिवार का पेट पालने के लिए मेहनत मजदूरी कर रहा है।