बर्ड फ्लू की आशंका से सहमे पोल्ट्री फार्म संचालक
शामली। पांच राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद जिले के पोल्ट्री फार्म संचालक भी सहमे हुए हैं। कोरोना संक्रमण काल की शुरुआत में भारी नुकसान उठा चुके पोल्ट्री फार्म संचालकों पर अब दोबारा से मार पड़ने लगी है। बर्ड फ्लू के चलते फिर से मांग घटने की आशंका बढ़ गई है। चिकन के दामों में गिरावट आनी शुरू हो गई है।
जिले में पशुपालन विभाग से संचालित योजना के तहत 14 पोल्ट्री फार्म संचालित हैं। इसके अलावा जिले में कई स्थानों पर पोल्ट्री फार्मों का संचालन किया जा रहा है। जनपद में इनकी कुल संख्या 40 के आसपास है। पांच राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने से जिले में भी सतर्कता बढ़ गई है। इसके चलते पोल्ट्री फार्म संचालकों की धड़कनें भी बढ़ रहीं हैं। गांव खोड़समा में पोल्ट्री फार्म संचालक अंजुल ने बताया कि उसके पास करीब पांच हजार पक्षी हैं। लॉकडाउन के दौरान मुर्गों के दाम 10 से 12 रुपये किलो पर आ गए थे। उसे साढ़े चार लाख रुपये का नुकसान हुआ था। अब बर्ड फ्लू के कारण फिर से मांग कम होने की आशंका है। दाम में अभी से कमी आनी शुरू हो गई है। वह बताते हैं कि 95 रुपये किलो बिकने वाला मुर्गा अब 80 रुपये किलो बिक रहा है।
बर्ड फ्लू को लेकर बरती जा रही सतर्कता
शामली। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. यशवंत सिंह ने बताया कि बर्ड फ्लू को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पोल्ट्री फार्मों की निगरानी की जा रही है। सभी पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कहीं पर समूह में पक्षी मरे हुए मिलें तो उनका निस्तारण कराएं। पोल्ट्री फार्मों से सैंपल लेकर जांच के लिए भोपाल भेजे जाएंगे।
सफाई पर दिया जा रहा विशेष ध्यान
जलालाबाद। ग्राम दखोड़ी जमालपुर में पोल्ट्री फार्म संचालक ठाकुर सोमवीर सिंह का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान उन्होंने जरूरी सावधानियों का पालन करते हुए पोल्ट्री फार्म का संचालन किया था। क्षेत्र में बर्ड फ्लू का खतरा नहीं है। मुर्गों की बिक्री अच्छी है और कहीं कोई नुकसान नहीं हो रहा है। वह पोल्ट्री फार्म में सफाई एवं अन्य जरूरी सावधानियों का ध्यान रखते हैं।
लॉकडाउन में उठाना पड़ा था भारी नुकसान
कैराना। कोरोना के कारण लागू हुए लॉकडाउन के दौरान अंडों व मुर्गों की मांग में बेहद कमी आ गई थी। धीरे-धीरे कारोबार पटरी पर आ रहा था लेकिन अब बर्ड फ्लू की आशंका से डरे हैं। अलीपुर रोड पर स्थित हैचरी के मुनीम रणबीर सिंह ने बताया कि उनके फार्म पर 40 हजार मुर्गियां हैं। जो प्रतिदिन करीब 20 हजार अंडे देती हैं। इस अंडों को इलाहबाद भेजा जाता है। जहां पर मशीनों से चूजे तैयार किए जाते हैं। कोरोना संक्रमण के चलते करीब छह माह में उनका 12 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। अब बर्ड फ्लू की आशंका से परेशान हैं। वह कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में कहीं कोई मामला नहीं है। चिकित्सक प्रतिदिन आकर हैचरी में जांच करते हैं।
उधर, रामडा बाईपास पर कबीर पोल्ट्री फार्म में करीब 13 हजार मुर्गियां हैं, जो प्रतिदिन करीब 10 हजार अंडे देती हैं। पोल्ट्री फार्म के मालिक जहांगीर सिद्दीकी ने बताया कि लाकडाउन में 10 लाख से अधिक का नुकसान हुआ था। अब अंडे की कीमत 5.12 रुपये है जबकि लाकडाउन के दौरान अंडों की खपत नहीं होने के चलते भाव 1.60 रुपये पर आ गया था।