शामली। ग्राम सभाओं में गरीबी के उत्थान के लिए पंचायती राज विभाग की ओर से बड़ी पहल हुई है। जीरो पाॅवर्टी योजना के तहत प्रत्येक गांव से कुल 25 ऐसे परिवारों का चयन कर उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने का निर्णय हुआ है। पात्रों को चिन्हित करने के लिए दो-दो समितियों के गठन के साथ ही सर्वे भी शुरू करा दिया गया है।
एक समिति गरीबों के चिहनांकन का काम करेगी तो दूसरी ग्राम स्तरीय समिति उसका सत्यापन कर डाटा खंड विकास अधिकारी कार्यालय को अग्रसारित करेगी। जिले में 231 ग्राम पंचायतें हैं। हर ग्राम पंचायत से 22 से 25 परिवारों का चयन किया जाना है। कुल लक्ष्य 5775 परिवारों के चयन का लक्ष्य निर्धारित है। जिन्हें अब तक सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला है। इन परिवारों को केंद्रों और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित कराया जाएगा। निर्धन परिवारों का चयन चार मानकों पर किया गया है। पहला आवासहीन, दूसरा कच्चा मकान होना, तीसरा भूमिहीन और चौथा दिहाड़ी मजदूरी से गुजारा करने वाला परिवार है।
चारों मानकों के साथ यह भी देखा जाएगा कि किसी सरकारी योजना का लाभ मिला है या नहीं। इनको चिह्नित करने वाली टीम में रोजगार सेवक, पंचायत सहायक, समूह सखी और बीसी सखी को नामित किया गया है।
समिति में यह लोग होंगे शामिल
समिति में वर्तमान ग्राम प्रधान, पूर्व ग्राम प्रधान, गांव में संचालित सरकारी विद्यालय के हेडमास्टर, दो सबसे पुराने स्वयं सहायता समूहों के अध्यक्ष या फिर आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहेंगे।
जीरो पाॅवर्टी अभियान के तहत ग्राम सभा के अति निर्धन परिवारों को चिह्नित किया जा रहा है। इस योजना में ग्राम पंचायतों में रहने वाले अति निर्धन परिवारों का उत्थान होगा। कोई भी गरीब योजनाओं से वंचित नहीं रह पाएगा।
- विनय कुमार तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी