शहर के मुजफ्फरनगर रोड पर छाया स्मॉग। संवाद
शामली। दीपावली पर हुई जमकर आतिशबाजी से प्रदूषण बढ़ा है। प्रदूषण बढ़ने से श्वास और दिल के रोगियों को सावधानी बरतने की जरूरत है। इसमें लापरवाही उनकी सेहत के लिए भारी पड़ सकती है। चिकित्सकों का कहना है कि श्वास और दिल के रोगियों के अलावा बच्चों और बुजुर्गााें को भी बचाव करने की जरूरत है।
दीपावली से दो दिन पहले धनतेरस को हुई बारिश से मौसम काफी हद तक साफ हुआ है। इससे पहले आसमान में स्मॉग छाया हुआ था। अब दीपावली पर जिले में जमकर आतिशबाजी और पटाखे जलाए गए। आतिशबाजी से प्रदूषण बढ़ गया है। सोमवार शाम को जिले का एक्यूआई 200 रहा है, जो सामान्य से ज्यादा है। एक्यूआई बढ़ने के कारण दिल और श्वास के रोगियाें को सावधानी बरतने की जरूरत है। फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग का कहना है कि दीपावली से पहले बारिश होने से स्मॉग की वजह से प्रदूषण काफी हद तक खत्म हो गया था, लेकिन दीपावली पर आतिशबाजी से निश्चित तौर पर प्रदूषण बढ़ा है, हालांकि यह बहुत ज्यादा नहीं है। इसके बाद भी श्वास और दिल के रोगियों के अलावा बच्चों व बुजुर्गाें को सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर इसमें लापरवाही बरती जाती है तो यह उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
उन्होंने बताया कि श्वास और दिल के रोगियों के साथ बच्चों व बुजुर्गों को सुबह-शाम घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। अगर जरूरी हो तो फेस मास्क लगाकर निकले। सांस लेने में परेशानी हो तो गुनगुना पानी पीये और भाप लेते रहे। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास ने बताया दीपावली पर आतिशबाजी व पटाखों की वजह से प्रदूषण बढ़ता है। ऐसे में दिल व श्वास के रोगी को ज्यादा सतर्कता बरतनी चाहिए। अगर कोई परेशानी होती है तो चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराना चाहिए।
ये बरते सावधानी
- सुबह व शाम घर से बाहर निकलने से बचें।
- सांस लेने में दिक्कत हो तो गुनगुना पानी पीये, भाप लें।
- तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें।
- ठंडी व खट्टी चीजों का सेवन न करें।
- घर से बाहर निकलने पर फेस मास्क लगाएं।
- कोई परेशानी होने पर चिकित्सक की सलाह लें।