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हो सकता है कोई अजय की प्रसिद्वी या काम से जलता हो

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शामली की पंजाबी कॉलोनी में अजय पाठक के बडे़ भाई दिनेश पाठक से चर्चा करते एसपी विनीत जायसवाल और एए? - फोटो : SHAMLI
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हत्यारोपी के मददगारों को पकड़े पुलिस - हरिओम
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शामली। अजय पाठक के भाई हरिओम पाठक ने बताया कि चार लोगों की हत्या करने और गिरफ्तार होने पर आरोपी हिमांशु के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी, ऐसा लगता है कि जैसे उसे किसी ने आश्वस्त कर रखा है कि कुछ नहीं बिगड़ेगा।
हरिओम पाठक ने बताया कि अजय अखाड़ा चलाता था, वो तो एक आदमी के काबू में आने वाला नहीं था। उन्हें लगता है कि हिमांशु के अलावा भी हत्याकांड में कोई शामिल रहा। हत्या की साजिश में कोई ऐसा व्यक्ति भी हो सकता है, जो अजय की प्रसिद्धि या उसके काम से ईर्ष्या रखता हो। इसकी ठीक से जांच हो। कोई ताकतवर या बड़ा पैसे वाला व्यक्ति है जिसने आरोपी को आश्वस्त कर रखा है। उन्हें तो ऐसा लगता है कि हिमांशु एकदम आश्वस्त है कि उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा।
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अजय के पास था करीब दो किलो सोना
हरिओम ने बताया कि हम अलग घरों में रहते हैं पर थोड़ी बहुत जानकारी रहती है। मोटे तौर पर उन्हें ये पता है कि अजय के पास करीब दो किलो से भी ज्यादा सोना होगा, लेकिन वह सोना उसके लॉकर में है या नहीं, ये पता नहीं, चेक होने के बाद ही पता चलेगा।
पुलिस ने एक फुटेज दिखाई थी
हरिओम के अनुसार पुलिस ने हमें एक फुटेज दिखाई थी। जिसमें हाथ में टेटू बना था, जो फोटो टोल का बताया जा रहा था। हाथ में बना टेटू हिमांशु के हाथ में बने टेटू से मिलता है। जिस व्यक्ति ने उसे यहां पर गाड़ी बैक करते देखा उसने भी उसकी पहचान हिमांशु के रुप में की। इसके अलावा पुलिस ने उन्हें कोई फुुटेज नहीं दिखाई।
एसआईटी के काम पर विश्वास है
हरिओम ने कहा कि एसआईटी पर भी विश्वास है। उम्मीद है कि एसआईटी घटना की सही जांच करेगी और घटना में शामिल लोगों का भी पता लगाएगी और सबको संतुष्ट करेगी यदि ऐसा नहीं हुआ तो आगे सोचा जाएगा।
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दूसरे रास्ते पर क्यों नहीं हुआ फोकस
शामली। चर्चा थी कि अजय पाठक के मकान में दूसरी ओर भी एक रास्ता है। यानी मकान में आने जाने के दो रास्ते हैं। यह भी तो संभव है कि घर में और लोग भी हों और वह दूसरे रास्ते से निकल गए हों। इस पर किसी का ध्यान नहीं गया। पुलिस भी मेन गेट के बाहर गली में एक मकान पर लगे सीसीटीवी की फुटेज में युवक के दिखाई देने और उसकी पहचान हिमांशु के रुप में होने की बात कह रही है, लेकिन दूसरे रास्ते की तरफ फोकस क्यों नहीं हुआ।
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