शामली। मेरठ-करनाल हाईवे के बाईपास पर शामली में अंडरपास के निकट रेलवे के फ्लाईओवर निर्माण की अनुमति मिल गई है। निर्माण एजेंसी ने फ्लाईओवर निर्माण के लिए फाउंडेशन कार्य शुरू कर दिया है। मेरठ-करनाल हाईवे और शामली बाईपास का निर्माण कार्य 31 मार्च 2023 तक पूरा होगा। टपराना से दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को जोड़ने वाले शामली बाईपास का काला करने का काम भी शुरू हो गया है।
हरियाणा के करनाल से लेकर मेरठ के कंकरखेडा बाईपास तक चार लेन हाईवे के निर्माण के लिए दिनेश चंद अग्रवाल एंड कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। पिछले एक साल से मेरठ-करनाल हाईवे और इसे दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को जोड़ने वाले शामली बाईपास का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। मेरठ-करनाल हाईवे पर बिडौली में यमुना नदी का दो लेन का पुल, बिड़ौली मे, झिंझाना,और टपराना में फ्लाईओवर बनने हैं।
शामली बाईपास पर मुंडेट कलां और बधेव के पास पूर्वी यमुना नहर पर फ्लाईओवर, शामली में अंडरपास के निकट रेलवे फ्लाईओवर का निर्माण प्रस्तावित है। निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मेनेजर दया शंकर सिंह ने बताया कि मेरठ-करनाल के शामली बाईपास का भूमि अधिग्रहण कार्य ज्यादातर पूरा हो गया है। बाईपास पर शामली में अंडरपास के निकट रेलवे का फ्लाईओवर निर्माण की अनुमति मिल गई है। रेलवे की अनुमति आने के बाद फ्लाईओवर की फाउंडेशन कार्य शुरू कर दिया गया है। बाईपास के सभी फ्लाईओवर अप्रैल 2022 तक पूरे हो जाएंगे। टपराना से शामली बाईपास का काला करने का काम शुरू कर दिया गया है। हाईवे का 50 प्रतिशत और फ्लाईओवर कार्य 40 प्रतिशत पूरा हुआ है। 31 मार्च 2023 तक मेरठ-करनाल हाईवे और शामली बाईपास कार्य पूरा हो जाएगा।