शामली। जिला संयुक्त चिकित्सालय में लगभग एक माह बाद भी दो चिकित्सकों के सहारे ही ओपीडी चल रही है। डिलीवरी और अन्य जांच सुविधा भी चालू न होने के कारण मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने जिला संयुक्त अस्पताल में बर्न यूनिट के भवन में 16 अगस्त से ओपीडी की शुरुआत की थी। तब से आज तक चिकित्सक डॉ. बिजेंद्र कुमार और डॉ. विकास कुमार ही ओपीडी कर रहे हैं। जिला अस्पताल में अभी तक चिकित्सकों की संख्या नहीं बढ़ी है और न ही विशेषज्ञ चिकित्सकों को तैनात किया गया है। जिस समय ओपीडी शुरू हुई थी, उस समय स्वास्थ्य विभाग ने एक सप्ताह बाद डिलीवरी और अन्य कई तरह की जांच शुरू किए जाने का दावा किया गया था, लेकिन एक महीना होने जा रहा है। स्थिति जस की तस बनी है। विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण मरीजों की संख्या का औसत भी दस के आसपास ही चल रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सफल कुमार का कहना है कि जिला अस्पताल के लिए पांच चिकित्सक की नियुक्ति है, लेकिन अभी जिला अस्पताल को दो चिकित्सक ही मिले हैं। अन्य चिकित्सक सीएचसी में सेवा दे रहे हैं। सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल से चिकित्सकों की तैनाती करने, मरीजों को जांच व प्रसव की सुविधा शुरू करने की मांग की गई है। जल्द ही जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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शासन से नहीं हुई चिकित्सकों की नियुक्ति
शामली। जिला संयुक्त चिकित्सालय के लिए पिछले साल शासन स्तर से महिला चिकित्सक के 12 और अन्य चिकित्सकों के 22 पद स्वीकृत किए गए थे। पैरामेडिकल स्टाफ के 66 पद स्वीकृत है, लेकिन अभी तक शासन स्तर से चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हुई है। सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल का कहना है कि जिला अस्पताल में चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।