कैराना (शामली)। नानौता में शनिवार को हुए सड़क हादसे में दो दोस्तों की मौत बाद रविवार सुबह दोनों के शव कैराना लाए गए, तो कस्बा रो उठा। पहले एक दोस्त का जनाजा उठा तो कुछ देर बाद दूसरे दोस्त की अर्थी उठी। परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
सहारनपुर जिले के नानौता में शनिवार को सड़क हादसे में विनोद चौहान के भतीजे सागर और उसके दोस्त सुहेब की मौत हो गई थी। रात में ही सहारनपुर में पोस्टमार्टम के बाद रविवार सुबह तीन बजे एक ही एंबुलेंस से दोनो के शव कैराना लाए गए। जिन्हें देखते ही परिजन बिलख बिलख कर रो पड़े। दोनों दोस्तों के आवास एक ही मोहल्ले में हैं। सुहेल दो बहनों और दो भाइयो में सबसे बड़ा था। उसके पिता इकबाल एक किसान हैं। सागर चौहान की एक बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, जबकि एक छोटा भाई है। सागर के पिता रमेश भी खेती करते है। इस हादसे से दोनों ही परिवारों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। सुहेब की बहनें व मां रोते हुए बार-बार बेहोश हो रही थी। यही हाल सागर की बहन व मां का भी था।
रविवार सुबह छह बजे सुहेब का जनाजा उठा। जिसमें हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदाय के सैकड़ों लोग मौजूद थे। टीचर कॉलोनी के पास कब्रिस्तान में गमगीन माहौल में शव को सपुर्द-ए-खाक कर दिया। इसके कुछ देर बाद सुबह सात बजे सागर चौहान की अंतिम यात्रा में भी हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग मौजूद रहे। अलीपुर रोड स्थित उनके खेत पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। दोनों ही दोस्तों का एक फोटो जिसमें दोनों साथ खड़े हंसते नजर आ रहे हैं, जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
कैराना सागर चौहान और सुहेब का फाइल फोटो।- फोटो : SHAMLI