बाल विकास परियोजना कार्यालय में 12.80 लाख का पोषाहार घोटाला
शामली। बाल विकास परियोजना कार्यालय कांधला में 12.80 लाख का पोषाहार घोटाला सामने आया है। डीएम जसजीत कौर ने मामले की जांच के बाद बाल विकास परियोजना अधिकारी को आरोपी लिपिक सचिन कुमार समेत तीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लिपिक के निलंबन की संस्तुति बाल विकास एवं पुष्टाहार निदेशालय भेजी है। इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एसडीएम कैराना संदीप सिंह को नामित किया गया है।
बाल विकास परियोजना कार्यालय कांधला से करीब 12.80 लाख का पोषाहार गायब हो गया था। इसका पता चलने पर बाल विकास परियोजना अधिकारी कांधला ने 23 फरवरी 2022 को जिला कार्यक्रम अधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव को जानकारी दी। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने मामले की जांच कराई। जांच में सामने आया कि कनिष्ठ सहायक सचिन कुमार ने तीन फरवरी 2022 को 1573 किग्रा चना दाल, 4932.655 किग्रा एडीबल ऑयल व किट बैग 307.714 किग्रा चालान में प्राप्त कर लिया। जिसकी कीमत करीब 12.80 लाख है, लेकिन खाद्यान्न गोदाम में नहीं उतरवाया गया। पोषाहार घोटाले में बाल विकास परियोजना के लिपिक सचिन कुमार, नेफेड कर्मचारी और पोषाहार लाने वाले ट्रक चालक के विरुद्ध जांच रिपोर्ट सीडीओ शंभूनाथ तिवारी के माध्यम से डीएम जसजीत कौर को भेज दी।
डीएम ने लिपिक सचिन समेत तीन आरोपी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने व संबंधित लिपिक को निलंबित कराने का निर्देश दिए हैं। इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एसडीएम कैराना संदीप सिंह को नामित किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि डीएम के निर्देश में बाल विकास परियोजना अधिकारी कांधला को तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। संबंधित लिपिक के निलंबन को निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार लखनऊ को भी पत्र भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि संबंधित थाने में आरोपी के खिलाफ तहरीर दी जाएगी।