शामली। जिला संयुक्त चिकित्सालय में कोलेस्ट्रॉल, ब्लड यूरिया समेत कई तरह की नई जांच शुरू होगी। इससे मरीजों को लाभ मिलेगा। अभी तक जिला अस्पताल में मरीजों की सामान्य जांचें ही हो रही थीं।
जिला बनने के दस साल बाद भी जिला अस्पताल पूरी तरह से चालू नहीं हो पाया है। इस साल 16 अगस्त को जिला अस्पताल में ओपीडी शुरू हुई थी। दो चिकित्सक ओपीडी में लगाए गए हैं, लेकिन मरीजों केे अन्य सुविधाएं अभी तक नहीं मिली हैं। जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट का उद्घाटन हो चुका है। इस यूनिट में दो मशीनें लगी हैं, लेकिन इमरजेंसी शुरू न होने के कारण मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति न होने के कारण मरीजों को अभी बेहतर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सफल कुमार ने बताया कि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिला अस्पताल में अभी तक टायफाइड के लिए विडाल, ब्लड, हीमोग्लोबिन, एचआईवी, हेपेटाइटिस बी व सी, ब्लड ग्रुप, यूरिन व मलेरिया आदि की जांच की जा रही है। डेंगू की जांच एनएच-1 रैपिड कार्ड से की जा रही है।
एलाइजा जांच के लिए सैंपल मुजफ्फरनगर व मेरठ भेजे जा रहे हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि शनिवार से कई महत्वपूर्ण नई जांचें शुरू की जा रही हैं। इनमें कोलेस्ट्रॉल, गुर्दे के लिए बायो केमेस्ट्री से ब्लड ग्लुकोज और क्रिएटिनिन, पीलिया सीरम, मलेरिया के जेएस स्टेन और शरीर में सोडियम, पौटेशियम आदि के लिए इलेक्ट्रोलाइट की जांच शुरू होगी। जिला अस्पताल की लैब में नई जांच शुरू होने की व्यवस्था पूरी हो गई है। नई जांचें शुरू होने से मरीजों को लाभ मिलेगा और उन्हें निजी लैब में नहीं जाना पड़ेगा।