नाम का आरोग्य मेला, खून की जांच हुई न शुगर की
शामली। शासन की ओर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाए जा रहे मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में मरीजों की जांच और उपचार कराने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जांच की सुविधा कुछ जगहों पर उपलब्ध ही नहीं है। अमर उजाला टीम ने बहावड़ी गांव में जाकर पड़ताल की तो पता चला कि यहां पर न तो मरीजों के खून की जांच का इंतजाम था न ही ब्लड शुगर मापने का। कई मरीज तो यहां से बिना उपचार ही लौट गए।
रविवार को बहावड़ी पीएचसी पर सुबह 10 से दो बजे तक मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में पीएचसी प्रभारी डॉ. राघव अग्रवाल, डॉ. स्वाति मिश्रा, डॉ. विवेक तोमर, डॉ. करीब 154 मरीजों का उपचार किया गया, लेकिन खून और शुगर की जांच की कोई सुविधा नहीं मिली। मेले में उपचार कराने आई सोहनवीरी ने बताया कि उसे शुगर और एलर्जी है, लेकिन शुगर की जांच हुई और न ही खून की। बाला ने बताया कि उसे भूख नहीं लगी और पेट की बीमारी की शिकायत है। डॉक्टर ने खून की जांच कराने को कहा, लेकिन यहां जांच करने वाला कोई नहीं मिला। इसी तरह सविता ने बताया कि वह शुगर की जांच कराने आई थी, लेकिन जांच नहीं हुई। इसी तरह के अन्य कई मरीज मेले में जांच कराने पहुंचे, लेकिन सभी को बिना जांच कराए, मायूस होकर लौटना पड़ा। डॉ. राघव अग्रवाल ने बताया कि मेले में खाज-खुजली, सांस, लीवर, उदर, ब्लड प्रेशर और वायरल आदि के मरीज आए हैं। सभी का उपचार कर दवा दी गई।
खुजली के कारण रात को सो भी नहीं पाता
बहावड़ी पीएचसी पर उपचार कराने आए जगबीर सिंह ने कहा डॉक्टर साहब पूरे शरीर में खाज खुजली होती है। वैसे हर समय ही खाज लगी रहती है, लेकिन रात को तो खुजली के कारण सो भी नहीं पाता। डॉक्टर ने उन्हें शरीर पर लगाने का लोशन और खाने की दवा दी। इसी दौरान पहुंची ममता ने बताया कि आंखों में खुजली होती है, जिससे वह दिन के समय ज्यादा परेशान रहती है। इसी तरह शिवानी ने बताया कि उसकी आंखों से पानी आता है और सिर में दर्द रहता है। इसके बाद उनकी आंखों की जांच कराई गई।
प्रदूषित पानी को माना बीमारियों की वजह
गांव बहावड़ी के ग्रामीणों का कहना है कि प्रदूषित पानी की वजह से गांव में खाज-खुजली, कैंसर, हार्ट अटैक, पेट और लीवर की बीमारियां फैल रही हैं। गांव के बंटी चौधरी ने कहा कि गांव के निकट बहने वाली कृष्णा नदी के कारण गांव का पानी प्रदूषित हो चुका है। हैंडपंप से पानी दूषित निकलता है। इस वजह से कैंसर रोग भी फैल रहा है। पिछले करीब तीन साल में 12 से अधिक लोगों की कैंसर से मौत हो चुकी है जबकि कई की हार्ट अटैक से मौत हुई है। सतेंद्र कुमार ने कहा कि खराब पानी ही बीमारी की जड़ है। नदी के गंदे पानी की वजह से ज्यादा बीमारी फैल रही हैं। इसका समाधान होना चाहिए। इसके अलावा फसलों में कीटनाशक का ज्यादा इस्तेमाल भी बीमारी की एक वजह हो सकती है। रमेशचंद ने कहा कि गांव के हैंडपंप से पानी इतना खराब आता है, वह पीना तो दूर नहाने लायक भी नहीं है। यही बीमारी की वजह है। जहां 250 से 300 फीट गहरे सबमर्सिबल लगे हैं, वहीं पानी पीने लायक है।
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जिले में लैब अस्टिटेंट/अटेंडेंट की कमी है। जनपद में करीब 12 लैब असिस्टेंट हैैैै, जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 26 है। इस कारण कुछ पीएचसी पर मरीजों की जांच नहीं हो सकी। जहां पर इस बार जांच नहीं हुई, अगली बार वहां जांच की सुविधा रहेगी। रोस्टर के अनुसार लैब असिस्टेंट को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजकर खून और शुगर की जांच कराई जाती है - डॉ. संजय भटनागर, सीएमओ।
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लैब असिस्टेंट कम होने के कारण क्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) और टीबी विभाग के कर्मियों को जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले में जांच के लिए लगाया गया है। सभी को मिलाकर भी पीएचसी की संख्या के मुकाबले इनकी कमी है। सीएचओ अपनी किसी मेडिकल परीक्षा में गए है जबकि टीबी से जुड़े कर्मचारी सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान में लगे है। इस कारण कई केंद्रों पर मरीजों की जांच नहीं हुई। अगली बार सभी स्थानों पर सभी तरह की जांच की सुविधा दी जाएगी - डॉ. सुशील कुमार, नोडल अधिकारी जन आरोग्य स्वास्थ्य मेला।
शामली क्षेत्र के गांव बहावडी में आयोजित स्वास्थ्य मेले मरीजो की जांच करती चिकित्सक- फोटो : SHAMLI