शामली। शासन के निर्देश पर सात मार्च से मिशन इंद्रधनुष के तहत छूटे हुए दो साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को नियमित टीकाकरण का अभियान शुरू होना है। इसके लिए तीन दिन पहले डोर-टू-डोर सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन पोर्टल पर सर्वे का डाटा अपलोड न होने की वजह से माइक्रोप्लान तैयार नहीं हो पा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि ब्लाक स्तर से सर्वे का डाटा मिलने के बाद माइक्रोप्लान तैयार किया जाएगा।
कोरोना की वजह से दो साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को होने वाला नियमित टीकाकरण प्रभावित हुआ है। अब कोरोना संक्रमण की दर कम हुई, तो शासन ने नियमित टीकाकरण को शत-प्रतिशत करने के निर्देश दिए हैं। शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए सात मार्च से 14 मार्च तक मिशन इंद्रधनुष के तहत अभियान चलाया जाना है। जिले में टीके से वंचित दो साल तक के बच्चे और गर्भवती महिलाओं का डोर-टू-डोर सर्वे कराया गया। आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सर्वे की रिपोर्ट 26 फरवरी तक ब्लाक स्तर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, ताकि यह पता चल सके कि जिले में कितने बच्चों और गर्भवती महिलाएं टीके से वंचित हैं।
इसके बाद लक्ष्य निर्धारित कर टीकाकरण का माइक्रोप्लान तैयार किया जाना है। सर्वे का डाटा आईएमआई -4.0 पोर्टल पर अपलोड किया जाना है। अभी तक यह डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं हुआ है, इसकी वजह माइक्रोप्लान भी तैयार नहीं हो पा रहा है। अभी तक विभाग के पास यह जानकारी नहीं है कि कितने बच्चे और गर्भवती महिलाओं को टीके लगाए जाने हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर का कहना है कि ब्लाक स्तर से सर्वे का डाटा मांगा गया है। तीन मार्च तक सारा डाटा आईएमआई- 4.0 पोर्टल पर अपलोड किया जाना है। पोर्टल पर डाटा अपलोड होने के बाद लक्ष्य निर्धारित करते हुए माइक्रोप्लान तैयार किया जाएगा। माइक्रोप्लान के अनुसार सात मार्च से टीकाकरण शुरू किया जाएगा।