बताया गया कि बुटराड़ा गांव निवासी रिजवान के पास फुलझड़ी बनाने का लाइसेंस है। इसी लाइसेंस की आड़ में वह अवैध रूप से अन्य पटाखे बनाने का काम करता था। सोमवार दोपहर करीब 1:00 बजे उसकी फैक्टरी में कई मजदूर पटाखा बनाने में जुटे हुए थे। तभी अचानक भीषण विस्फोट हो गया।
आसपास के इलाकों में भी विस्फोट की आवाज सुनाई दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो फैक्टरी में मलबा और पटाखे बिखरे पड़े थे। कई मजदूर घायल अवस्था में पड़े थे। जिन्हें अस्पताल भिजवाया गया। मरने वाले कितने हैं, अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस के उच्चाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। हालांकि फैक्टरी में सुबह से कितने मजदूर कार्य कर रहे थे इसके संबंध में भी पुलिस जानकारी कर रही है।
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विस्फोट इतना भीषण था कि धमाके से फैक्टरी के आसपास के क्षेत्र में स्थित मकानों में भी दरारें आ गईं। वहीं मृतकों के परिजनों को भी पुलिस ने सूचित कर दिया है। फैक्टरी में अचान विस्फोट की सूचना मिलते ही मजदूरों के परिजनों में कोहराम मच गया। वे मौके पर दौड़ पड़े।
बताया गया कि बुटराड़ा गांव में पटाखा फैक्टरी में धमाके के बाद पुलिस जांच पड़ताल में एक महिला के शव के टुकड़े बोरे में पास में ही मिले हैं। अभी तक महिला की शिनाख्त नहीं हो पाई है। माना जा रहा है पुलिस से बचने को शव के टुकड़े बोरे में भरकर फैक्टरी से कुछ दूर फेंक दिए गए।
हालांकि अभी किसी अन्य मजूदर के मरने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस फैक्टरी में काम करने वाली महिलाओं के घर जाकर जांच कर रही है। फैक्टरी में बाबरी, बंतीखेड़ा और हिरनवाड़ा गांव की महिलाएं मजदूरी करती थीं। मजदूरों के परिजन मौके पर हंगामा कर दिया।
बाबरी की वीरमति का हो सकता है शव
स्थानीय लोगों का कहना है कि बोरे में जिस महिला के शव के टुकड़े मिले हैं, उसकी अभी पहचान नहीं हो पाई है। लेकिन माना जा रहा है कि शव के ये टुकड़े बाबरी निवासी वीरमति पुत्री नवाब के हो सकत हैं। 35 वर्षीय वीरमति पति से विवाद के चलते अपनी तीन पुत्रियों के साथ मायके में रह रही थी। उसकी तीन पुत्रियां हैं। धमाके की जानकारी मिलने पर वीरमति के परिजन मौके पर पहुंच गए। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।