सुनील के घर में घुसे बदमाश उसे पहले से जानते थे। बदमाशों ने सुनील का नाम लेकर उसे नींद से जगाया। खुद को पुलिस बताते हुए घर की तलाशी लेने की बात कही। इसके बाद पूरे परिवार को हथियारों के बल पर आतंकित करते हुए डकैती की घटना को अंजाम दिया। सुनील और उसका चचेरा भाई राजकुमार व चाचा बरामदे में सोए हुए थे।
हम पुलिस वाले हैं, तुम गांजा और मादक पदार्थ बेचते हो
नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर सुनील को उठाया। उससे पूछा कि तुम ही सुनील हो। हम पुलिस वाले हैं, तुम गांजा और मादक पदार्थ बेचते हो। हमें घर की तलाशी लेनी हैं। इसके बाद उस पर तमंचा तान दिया। जयपाल को भी उठाकर उस पर हथियार तान दिए।
सुनील और जयपाल को गन प्वाइंट पर लेकर बदमाश घर के अंदर ले गए। वहां सुनील के पिता हरफूल, पत्नी विमला और बच्चों को भी बंधक बना लिया। परिजनों को हथियारों के बल पर आतंकित करते हुए जेवरात, नकदी, मोबाइल व अन्य सामान लूट लिया।
करीब सवा घंटेे बाद शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए बदमाश फरार हो गए। बदमाशों के जाने के बाद काफी देर तक पीड़ित दहशत में रहे। बाद में उन्होंने पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सुबह घटना का पता चलने पर ग्रामीणों में दहशत फैल गई।