उत्तर प्रदेश के शामली में कैराना में कुकर्म के बाद बालक की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) मुमताज अली ने अभियुक्त सोना उर्फ सोनू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त पर एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
13 अगस्त 2020 को थानाभवन क्षेत्र के एक गांव निवासी 11 वर्षीय बालक लापता हो गया था। बालक के पिता ने थाने पर अज्ञात में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। अगले दिन 14 अगस्त 2020 को एक खेत में बालक का शव मिला था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया था कि बालक के साथ कुकर्म के बाद बेरहमी से हत्या की गई थी। शव पर जगह-जगह चोट के निशान मौजूद थे। पुलिस ने मुकदमे में हत्या की धारा 302, अप्राकृतिक कुकर्म की धारा 377, 5/6 पॉक्सो व शव को छिपाने की धारा 201 का इजाफा कर दिया था।
विवेचना के दौरान सोना उर्फ सोनू का नाम प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने उसे 16 अगस्त 2020 को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से दोष सिद्ध करने के लिए मुकदमे के दौरान 14 गवाह पेश किए गए, जबकि बचाव पक्ष की ओर से दो गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी अधिवक्ता रवि चौधरी ने की थी।