शामली। जिला मुख्यालय को यूपी रोडवेज का मॉडल बस अड्डे और कार्यशाला के लिए भूमि नहीं मिल पा रही है। शामली नगर पालिका परिषद की किराए की भूमि भवन में रोडवेज का बस अड्डा चल रहा है। बस अड्डे में कम भूमि होने से निगम की बसें मुख्य मार्ग पर खड़ी रहती हैं। इससे सवारियों को परेशानी होती है।
दिल्ली रोड पर शामली नगर पालिका परिषद की किराए की भूमि और भवन में 54 सालों से यूपी रोडवेज का बस अड्डा चल रहा है। 28 सितंबर 2011 को शामली जिला घोषित होने के बाद अनुबंधित बस डिपो का दर्जा दिया गया। पिछले 14 सालों से अनुबंधित बसों का डिपो कार्यालय संचालित किया जा रहा है। 41 अनुबंधित बसें संचालित की जा रही हैं। व्यापारियों की मांग पर शामली डिपो की भूमि का प्रस्ताव मुजफ्फरनगर मार्ग पर फतेहपुर गांव मे दिया गया था।
वर्ष 2015 में निगम ने मुजफ्फरनगर रोड फतेहपुर गांव का अधिग्रहण के लिए सीमेंट के पिलर लगाए। शासन से यूपी रोडवेज की कार्यशाला के लिए बजट स्वीकृत नहीं किया गया।डिपो की भूमि पानीपत-खटीमा हाईवे में जाने से कम प़ड़ गई। बाद में बस अड्डे के लिए निगम को भूमि मिली।
डिपो कार्यशाला के लिए भूमि नहीं मिल पाई है। आरएम सहारनपुर योगेंद्र प्रताप ने बताया कि शासन को माॅडल बस अड्डा और डिपो कार्यशाला के प्रस्ताव दिए, शासन से स्वीकृति और बजट नहीं मिल पाया है।