कैराना (शामली) में हसन परिवार के सैलर की भूमि की पैमाइश के दौरान तैनात आरआरएफ के जवान।
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कैराना (शामली)। हसन परिवार में चाचा-भतीजे के बीच चल रहे राइस मिल भूमि विवाद को लेकर शुुक्रवार को प्रशासन ने पीएसी और आरआरएफ की निगरानी में भूमि की पैमाइश शुरू कराई।
भूमि के बंटवारे को लेकर चल रहा हसन परिवार में संपत्ति बंटवारे का मामला डीएम शामली अखिलेश सिंह के दरबार में जा पहुंचा। दोनों पक्षों ने भूमि से संबंधित प्रपत्र डीएम के समक्ष प्रस्तुत किए और अपना-अपना हक जताया। शुक्रवार को डीएम के निर्देश पर भारी पुलिस बल, पीएसी व आरआरएफ के जवानों की मौजूदगी में कानूनगो सोहनपाल सिंह, नरेश मलिक, लेखपाल मुकेश कुमार आदि तहसील टीम पहुंची और राइस मिल के बाहर भूमि की पैमाइश की। एसडीएम डॉ. अमित पाल शर्मा ने बताया कि उनकी कोर्ट में राइस मिल की जमीन पर मुकदमा भी चल रहा है। एक दिन पूर्व प्रशासन की ओर से दोनों पक्षों को जमीन की पैमाइश के लिए मौके पर उपस्थित रहने की सूचना नोटिस भेजकर दे दी गई थी। मौके पर केवल विधायक नाहिद हसन के चाचा अरशद हसन ही मौजूद मिले। वहीं लेखपालों की टीम द्वारा भूमि की पैमाइश कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
1985 में मरहूम सांसद अख्तर हसन ने बनाया था सेलर
कैराना। सपा विधायक चौधरी नाहिद हसन के चाचा चौधरी कवर हसन ने बताया कि राइस मिल को निर्माण 1985 में उनके वालिद साहब अख्तर हसन ने कराया था, जिस पर उनके सभी बेटों का हक बनता है।