शामली बलवा रेलवे लाइन के पास होता अंडरपास का कार्य
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शामली। जिले में प्रस्तावित तीन हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी न होने से लक्ष्य के अनुरूप काम पिछड़ने की संभावना है। अकेले पानीपत-खटीमा हाईवे में 12 प्वाइंट ऐसे हैं, जिनकी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। इसके अलावा दिल्ली-सहारनपुर और मेरठ-करनाल हाईवे पर भी कुछ जगह अधिग्रहण नहीं हो पाया है।
पानीपत-नगीना, खटीमा-पानीपत से लेकर शामली-मुजफ्फरनगर और बिजनौर जिलों में चार लेन के हाईवे का राजस्थान की जेआर कंपनी निर्माण करा रही है। प्रथम फेज 35 किमी लंबाई का पानीपत से लेकर शामली बाईपास सीमा और दूसरा फेज शामली बाईपास से मुजफ्फरनगर सीमा तक 40 किमी लंबाई का है। पानीपत में दस किमी लंबाई का बाईपास और शामली में साढ़े तीन किमी लंबाई का बाईपास शामिल है।
निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर जीतूराज के मुताबिक प्रथम फेज में एक साल में वह 52 प्रतिशत कार्य पूरा करा पाए है। जिसमें सिंगल रोड 32 किमी और डबल रोड 16 किमी कार्य पूरा हो पाया है। यमुना नदी पर चार लेन का पुल कार्य अगले साल बरसात आने से पूर्व पूरा हो जाएगा। सड़क चौड़ीकरण कार्य एक अप्रैल तक पूरा कर दिया जाएगा।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे का शामली बाईपास
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे का प्रथम फेज का कार्य पूरा हुए एक साल गुजर चुका है। दूसरे फेज में बलवा गांव के शामली बाईपास से लेकर सहारनपुर हाईवे का कार्य पूरा होना है। दूसरे फेज का कार्य पिछले दो साल से चल रहा है। मेरठ की कृष्णा कंट्रेक्शन कंपनी शामली में गंगा अमृत हास्पिटल से लेकर थानाभवन कस्बे की सीमा तक हाईवे के चौड़ीकरण के कार्य को फाइनल टच दे चुकी है। दस किमी लंबाई का शामली बाईपास का कार्य मात्र ढाई किमी बन पाया है। बलवा और सहेटा में शामली बाईपास की भूमि अधिग्रहण नहीं हो पाई है। निर्माण एजेंसी के जितेंद्र बालियान ने बताया कि दीपावली के बाद जिला प्रशासन ने बलवा और सहेटा की भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पानीपत-खटीमा हाईवे से लेकर दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को जोड़ने वाले बाईपास को दीपावली के बाद तारकॉल डालकर काला कर दिया जाएगा। जलालाबाद कस्बे में डामर डालने का कार्य किया जा रहा है। बलवा-सिभांलका-सेहटा में फ्लाईओवर 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा।
मेरठ-करनाल बाईपास
इसी प्रकार मेरठ-करनाल में यमुना नदी पर दो लेन का पुल, बिड़ौली, झिंझाना, टपराना में फ्लाईओवर प्रस्तावित है। शामली और गोहरनी में भूमि अधिग्रहण में पेंच फंसा है। शामली बाईपास की जद में पूर्वी यमुना नहर, गोहरनी गांव में फ्लाईओवर और शामली में केएस कॉलेज के पास करोड़ी रोड पर रेलवे का ओवरब्रिज है। दिनेशचंद अग्रवाल निर्माण एजेंसी द्वारा मेरठ-करनाल हाईवे के शामली बाईपास के तीन फ्लाईओवर पर कार्य शुरू कर दिया है। निर्माण कंपनी अगले साल तक बाईपास और फ्लाई ओवर का निर्माण पूरा करने का दावा कर रही है।