फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिवभक्ति की अनोखी कहानी: पति की अंतिम इच्छा को पूरा करेंगी कृष्णा देवी, पढ़ें- 37 साल से क्यों ला रही कांवड़

Sat, 08 Jul 2023 10:39 AM IST
मेरठ ब्यूरो महबूब अली, संवाद न्यूज एजेंसी, शामली

सार

Shamli News : सावन मास में शिवभक्ति की अलग-अलग कहानियां सामने आती हैं। अब एक महिला कांवड़िया की अनोखी कहानी सामने आई है। वे पिछले 37 साल से लगातार कांवड़ ला रही हैं। उन्होंने बताया कि वे आखिरी सांस तक अपने पति की अंतिम इच्छा पूरा करेंगी।
विज्ञापन
कांवड़ लाती कृष्णा देवी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आज के समय में ऐसी महिलाएं किसी उदाहरण से कम नहीं हैं, जो पति की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं। ऐसी ही बुजुर्ग महिला हैं, हरियाणा के चरखीदादरी की रहने वाली 56 वर्षीय कृष्णा देवी।

विज्ञापन


शुक्रवार को कृष्णा देवी हरिद्वार से कांवड़ लेकर शामली से होते हुए बोल बम-बम के जयघोष के साथ पैरों में छाले पड़ने के बावजूद मंजिल की तरफ बढ़ रही थीं। कृष्णा देवी पति की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए पिछले 37 साल से हरिद्वार से कांवड़ ला रही हैं। हालांकि, वह तीन बार पति के साथ भी कांवड़ लेकर आ चुकी हैं। उम्र अधिक होने के बाद भी उनका हौसला कम नहीं है।

कहा कि जब तक शरीर में जान रहेगी, पति की इच्छा को पूरा करने के लिए कांवड़ लाती रहेंगी। यही नहीं, भंड़ारा आयोजित कर अन्य लोगों से भी कांवड़ लाने की अपील करती हैं।

कृष्णा देवी ने अमर उजाला को बताया कि वह पहले अपने पति के साथ तीन बार कांवड़ लेकर आई थी। मगर करीब 38 साल पहले पति अचानक ही बीमार हो गए। जिस वजह एक साल वह पति के साथ कांवड़ लेकर नहीं आ सकी। पति की मौत हो गई, मगर पति ने मरने से पहले इच्छा जाहिर की कि वह जब तक जीवित रहते हरिद्वार से कांवड़ लेकर आते। मगर अब शायद मेरा अंतिम समय है, तुम वायदा करो कि मेरे स्थान पर हर साल जीवित रहने तक कांवड़ लाती रहोगी। कृष्णा ने पति को हर साल कांवड़ लाने का वायदा किया था।

कृष्णा ने बताया कि पति के वायदे को पूरा करने के लिए वह उनकी मौत के बाद 37 साल से लगातार कांवड़ लेकर आ रही हैं। कांवड़ लाने के बाद वह घर पर पहुंचकर भंड़ारा भी लगाती हैं। परिवार में बेटा, बेटी भी है। पति की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए वह जब तक शरीर में जान रहेगी, कांवड़ लाती रहेंगी।

30वीं बार कांवड़ लेकर पहुंचे राजस्थान के भवानी शंकर
राजस्थान के अलवर के रहने वाले भवानी शंकर हरिद्वार से कांवड़ लेकर शामली पहुंचे। बताया कि भगवान शिव के आशीर्वाद से उसके हर बिगड़े काम बनते हैं और वह भगवान शिव में आस्था रखते हैं, जिसके कारण वह 40 साल से कांवड़ लेकर आ रहे हैं।

यह भी पढ़ें: UP: होश उड़ा देगा ये सच, सुपारी किलर ने पूछताछ में खोले कई बड़े राज, सामने आया कहां बनते हैं अवैध हथियार
विज्ञापन

जमाई की फौज में नौकरी लगने पर कांवड़ लेकर पहुंचीं 52 साल की मुन्नी
पंजाब के होशियारपुर की रहने वाली 52 वर्षीय रोशनी भी कांवड़ लेकर शामली से होते हुए जा रही थी। बताया कि उसने भगवान शिव से जमाई की सरकारी नौकरी लगवाने की कामना की थी। जिसे भगवान शिव ने सुन लिया और जमाई की सेना में नौकरी लग गई है। जमाई की सेना में नौकरी लगने पर ही वह कांवड़ लेकर हरिद्वार से पंजाब के लिए जा रही हैं।

यह भी पढ़ें: हंगामा: बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने युवती को पकड़ा, तीन साल पहले दूसरे समुदाय के युवक से की थी कोर्ट मैरिज
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें