फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Terror Network : ठेले पर केले बेचते-बेचते आईएसआई का हैंडलर बन गया इकबाल काना, बिहार ब्लास्ट में था शामिल

Sat, 17 May 2025 12:39 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम महबूब अली, शामली

सार

काना ने पासपोर्ट बनवाकर लोगों को पाकिस्तान भेजा। पाकिस्तानी से पिस्टल, चप्पल, सोना मंगवाकर तस्करी की। बाद में आईएसआई का हैंडलर बन गया।
विज्ञापन
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नोमान को लेकर कैराना पहुंची पुलिस। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कैराना के नोमान के पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़े जाने के बाद से आईएसआई हैंडलर इकबाल काना, दिलशाद मिर्जा और अन्य चर्चाओं में हैं। इकबाल काना, दिलशाद मिर्जा और एजेंट नोमान ने रेहड़ी पर फल बेचने से लेकर पासपोर्ट बनवाए, बाद में पाकिस्तान में बैठे एजेंटों के माध्यम ये आईएसआई से जुड़ गए। अब देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
विज्ञापन

 

पुलिस के अनुसार, कैराना के मोहल्ला सरावज्ञान के रहने वाला इकबाल काना 80 के दशक में कैराना की गलियों में अपने पिता हाजी अकबर के साथ ठेली पर केले बेचता था। इकबाल काना ने ग्रेजुएशन कर रखी थी। 90 के दशक के शुरू में इकबाल काना ने चौक बाजार के पास पासपोर्ट बनाने का ऑफिस खोल लिया था। 
 

पाकिस्तान जाने वाले लोग इकबाल काना के माध्यम से पासपोर्ट बनवाते थे। बाद में इकबाल काना पाकिस्तान जाने वाले लोगों से वहां से डिस्को कपड़ा और चप्पल मंगवाने लगा। यहीं से शुरुआत हुई थी गठरी व्यवसाय की। बाद में इस व्यवसाय में इकबाल काना के साथ ही पासपोर्ट बनवाने वाला मोहल्ला पट्टो वाला निवासी दिलशाद मिर्जा व कई अन्य लोग लग गए।
 

90 के दशक में गठरी व्यवसाय अपने चरम पर था। 3000 की दिहाड़ी और सारे खर्चे पर प्रति महिला के हिसाब से पाकिस्तान आने-जाने का काम शुरू हो गया। गठरी के रूप में भारत से जाने वाली महिलाएं पान, सुपारी, कत्था आदि पाकिस्तान ले जातीं थीं और वहां से डिस्को कपड़ा और मिर्जा चप्पल लेकर आतीं थीं। इसमें काफी मुनाफा होता था। 

यह भी पढ़ें...
Meerut: दो युवकों का नाम पूछकर चेहरे पर कालिख पोती, बाल काटे और पीटा, वीडियो बनाकर दी ये धमकी    
 

बाद में इसी की आड़ में पाकिस्तान से तस्करी द्वारा सोने के बिस्कुट आने लगे। इसके अलावा पाकिस्तानी पिस्टल और नकली करेंसी भी गठरी व्यवसाय के माध्यम से पाकिस्तान से भारत आने लगी। पुलिस और कस्टम अधिकारियों का शिकंजा कसने पर दिलशाद मिर्जा भी पाकिस्तान भाग गया था, जिसका बाद में कोई पता नहीं चला।
 

1995 में दिल्ली में क्राइम ब्रांच में पाकिस्तान निर्मित 75 पिस्टलों के साथ छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों में पूछताछ में बताया था कि यह पिस्टल इकबाल काना की हैं। पुलिस और अन्य एजेंसी इकबाल काना के पीछे लगी तो वह पाकिस्तान भाग गया था।
 

इकबाल की हुई थीं दो शादियां
इकबाल काना की दो शादियां हुईं थीं। बाद में जानकारी मिलनी शुरू हुई कि इकबाल काना पाकिस्तान आईएसआई का मुख्य एजेंट बन गया और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रहकर जनपद मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ और सहारनपुर के युवकों को भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल कर रहा है।
 
विज्ञापन

ब्लास्ट में भी इकबाल के नाम का हुआ था खुलासा
17 जून 2021 को बिहार के दरभंगा रेलवे स्टेशन पर कैराना निवासी दो सगे भाइयों ने पार्सल ब्लास्ट भी इकबाल काना के कहने पर किया था। हालांकि इस ब्लास्ट में कोई जनहानि नहीं हुई थी। एनआईए ने हैदराबाद से रेलवे ब्लास्ट के दोनों सगे भाइयों और कैराना में दबिश देकर सलीम टुइंया और कफील को गिरफ्तार किया था। इस ब्लास्ट में इकबाल काना का नाम प्रमुखता से सामने आया था।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें