शामली। पश्चिमी विक्षोभ के एक बार फिर सक्रिय हो जाने के बाद शनिवार दिन निकलते ही बूंदाबांदी शुरू हो गई। पूरे दिन रुक रुक कर बूंदाबांदी होने और 31 किमी प्रति घंटे की गति से बर्फीली हवा चलने से मौसम मेें ठिठुरन पैदा हो गई। पिछले 24 घंटे में बूंदाबांदी होने से दिन का चार डिग्री सेल्सियस पारा लुढ़क जाने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। बूंदाबांदी से गेहूं और आलू समेत कई फसलों को नुकसान होने की संभावना है।
पिछले तीन सप्ताह से कड़ाकेदार सर्दी का सिलसिला नही थम पा रहा है। शनिवार को एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से सुबह से बूंदाबांदी रुक रुक कर होती रही। पूरे दिन आकाश में बादल और रुक रुक हो रही बूंदाबांदी होने से जन जनजीवन अस्त व्यस्त हो रहा है। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो जाने से पिछले 24 घंटे में दिन का पारा चार डिग्री सेल्सियस और रात का पारा दो डिग्री लुढ़क गया। शनिवार दिन का तापमान 14 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरे दिन 30 किमी प्रति घंटे की गति से हवा चलने से मौसम में ठिठुुरन बरकरार रही। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के नोडल अधिकारी डॉ. उदय प्रताप शाही के मुताबिक रविवार और सोमवार को कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी के साथ ओला वृष्टि होने से ठंड बढ़ने की संभावना है। कुल मिलाकर एक सप्ताह ठंड से राहत मिलने की संभावना नही है।
बूंदाबांदी से गन्ना, गेहूं, आलू और सरसों को भारी नुकसान
शामली कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक के मुताबिक ज्यादा लंबे समय तक बूंदाबांदी होने से गन्ना, गेहूं, आलू, सरसों की फसलों को नुकसान है। ज्यादा बारिश से की पत्तियां पीली पड़नी शुरू हो जाएगी। गेहूं के पौधे की बढ़ोतरी रुक जाएगी। उनका कहना है कि शरद कालानी गन्ने की पत्तियां खराब हो जाएंगी। सरसों में फूल की अवस्था चल रही है। बारिश होने से प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। सरसों की बालियां कमजोर होगी। बूंदाबांदी से बिना मेड़ वाली सब्जियां प्रभावित होगी।