छात्राओं को दी आयुर्वेदिक चिकित्सा की जानकारी
शामली। हिंदू महिला महाविद्यालय में मंगलवार को आयोजित सेमिनार में आयुर्वेदाचार्य डॉ. राज तायल ने छात्राओं को पंचकर्म चिकित्सा और जटिल रोगों के उपचार के बारे में जानकारी दी। डॉ. राज ने बताया कि भारत का विकास युवाओं पर निर्भर करता है। लेकिन आज का युवा भारतीय संस्कृति से दूर हो विकृत सभ्यता की तरफ बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में हम सबका दायित्व है कि आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ और सुसंस्कृत किया जाए।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य रक्षा न केवल औषधि सेवन से होती है बल्कि अन्य अनेक कारण भी हो जो अथर्व वेद में वर्णित है। पंचकर्म, उपवास, योगासन आदि रोग न हो तो भी स्वस्थ रहने के लिए जरूरी हैं। पंचकर्म का अर्थ पांच विभिन्न चिकित्साओं का मिश्रण है। प्राचार्या डॉ. मंजू मगन ने छात्राओं से कहा कि रोग होने पर हम सभी किसी न किसी प्रकार का उपचार लेते हैं, लेकिन पंचकर्म व आयुर्वेद से हम अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर रोग को शरीर में प्रवेश करने से रोक सकते हैं और स्वस्थ रह सकते हैं।