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25 रुपये की गन्ना मूल्य बढ़ोत्तरी को किसान-संगठन और विपक्ष ने नकारा

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गन्ना मूल्य में वृद्धि किसानों के साथ नाइंसाफी
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शामली। सूबे की भाजपा सरकार ने चुनावी साल में गन्ना मूल्य में 25 रुपये की बढ़ोतरी करते हुए 350 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित किया है। किसान संगठनों और विपक्ष ने इस वृद्धि को नाकाफी बताया है। वहीं, भाजपा नेता गन्ना मूल्य बढ़ोतरी को सम्मानजनक बता रहे हैं।
किसानों के साथ धोखा-
सरकार ने चार साल में गन्ने के मूल्य में 25 रुपये क्विंटल की बढ़ोतरी से स्पष्ट हो गया है कि योगी सरकार द्वारा किया गया दावा हवाई साबित हुआ। किसानों के साथ भाजपा सरकार ने धोखा किया है। सपा के वरिष्ठ नेता प्रो. सुधीर पंवार।
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किसानों का सरकार से भरोसा उठा
उत्तर प्रदेश सरकार में गन्ने का 350 रुपये प्रति क्विंटल मूूल्य बहुत कम है। हरियाणा में गन्ना भाव 362 रुपये, पंजाब में 360 रुपये है। उत्तर प्रदेश में तीन साल बाद गन्ना मूल्य 25रुपये बढ़ा है। किसान इससे खुश नहीं है। सरकार ने एक बार फिर से किसान की कमर तोड़ने का काम किया है। किसानों का भरोसा सरकार से उठ गया है। सवित मलिक राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान यूनियन।
गन्ने का भाव कम रिकवरी ज्यादा-
उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ने का भाव घोषित किया है। यह भाव बहुत कम है। गन्ना शोध केंद्र ने भी पिछले वर्ष के मुकाबले गन्ने की लागत में 46 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की बात कही है। प्रदेश में गन्ने की रिकवरी का औसत भी बराबर के राज्यों से अधिक हैं। गन्ने का भाव 500 रुपये क्विंटल किए जाने की आवश्यकता है- किसान नेता अनिल मलिक।
लागत के हिसाब से गन्ना मूल्य बहुत कम
यूपी सरकार की 25 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य बढ़ोतरी लागत के हिसाब से बहुत कम है। यह ऊंट के मुंह में जीरे समान है। किसान नेता सुनील पंवार नाला।
महंगाई के हिसाब से गन्ने का भाव कम
यूपी सरकार को यदि गन्ने का भाव बढ़ाने थे तो हरियाणा-पंजाब की तरह भाव घोषित कर देते। महंगाई के हिसाब से गन्ना का भाव बहुत कम है। नरेश टिकैत, राष्ट्रीय अध्यक्ष भाकियू।
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गन्ना मूल्य बढ़ोत्तरी सम्मान जनक स्वागत योग्य-
भाजपा की योगी सरकार द्वारा किसानों के हितों के लिए कार्य कर रही है। गन्ना मूल्य बढ़ोतरी स्वागत योग्य और सम्मानजनक है- प्रदीप चौधरी सांसद कैराना लोकसभा।
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