शामली। जिले में 12 से 14 साल के किशोरों का टीकाकरण करने पर जोर दिया जा रहा है। अभी तक 23 दिन में 22.65 प्रतिशत टीकाकरण हुआ है। हालांकि टीका लगवाने के लिए आने वाले किशोरों में उत्साह है। उनमें टीके को लेकर कोई भ्रम नहीं है। उनका कहना है कि जान है तो जहान है। इसलिए कोरोना से बचने के लिए टीका लगवाना जरूरी है।
16 मार्च से 12 से 14 साल के किशोरों को टीके लगाने की शुरूआत हुई थी। शुक्रवार को 1786 किशोरों को टीके लगे हैं। इन्हें मिलाकर अब तक 13129 किशोरों को टीके लगे हैं। इस आयु के 57963 किशोरों को टीके लगाने का लक्ष्य है। 23 दिन में अब तक लक्ष्य के सापेक्ष 22.65 प्रतिशता टीकाकरण हुआ है। टीका लगवाने के लिए किशोरों में किसी तरह की झिझक या डर नहीं है। उनमें टीके को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। किशोरों से बातचीत की गई तो उनका कहना है कि जान है तो जहान है। कोरोना से बचने के लिए टीका ही सुरक्षा कवच है, इसलिए टीके से क्या घबराना। सभी टीका लगवाएंगे तभी कोरोना हारेगा।
ये बोले किशोर
शहर के मोहल्ला साकेत कालोनी निवासी अर्णव वशिष्ठ का कहना है कि यह सभी जानते है कि जान है तो जहान है। इसलिए कोरोना से बचने के लिए सभी को टीका लगवाना चाहिए। टीका ही इस बीमारी से बचने का सुरक्षा कवच है। उसे टीका लगवाने के बाद कोई परेशानी नहीं हुई। टीका लगवाने के दौरान न उसे सूंई से डर लगा और न ही वैक्सीन को लेकर किसी तरह का भ्रम है।
मोहल्ला आर्यपुरी निवासी अभिषेक का कहना है कि उसने वैक्सीन का टीका लगवाया है। उसे कोई परेशानी नहीं हुई। कोरोना से बचना है तो टीका लगवाना जरूरी है। यह उसे और उसके अभिभावकों को पता है। टीके को लेकर न कोई शंका है और न ही कोई भ्रम है। बस यही बात सही है कि कोरोना से बचने के लिए टीका ही सुरक्षा कवच है।