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Shamli News: एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन मिलता तो बच सकती थी बुजुर्ग महिला की जान

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गढीपुख्ता के गांव भैंसवाल निवासी जगबीरी का फाइल फोटो । - फोटो :  परियर क्षेत्र में नाव से आवागमन करते लोग। संवाद
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- गांव के निजी चिकित्सक के यहां दवा लगवाने के बाद महिला को परिजन ले गए थे घर
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- हालत बिगड़ने पर जब तक पहुंचे अस्पताल तब तक दम तोड़ चुकी थी महिला
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली/गढ़ीपुख्ता। क्षेत्र के गांव भैंसवाल में जगबीरी (65) की खेत में चारा काटते समय सांप ने डस लिया। परिजन गांव के निजी चिकित्सक के यहां उपचार कराकर घर ले गए। दो घंटे बाद जब हालत ज्यादा खराब हुई तो जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। समय पर एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन मिल जाता तो महिला की जान बच सकती थी।
जगबीरी शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे अपने खेत में पौत्र अक्षत के साथ पशुओं का चारा लेने गई थी। दस मिनट बाद ही चारा काटते समय सांप ने महिला की पीठ पर डस लिया था। उसे चक्कर आने शुरू हुए ताे अक्षत अपनी दादी के पास पहुंचा तो उसने उसने निकट ही सांप को देखा। उसने सांप को मारकर जमीन में दबा दिया। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और गांव में निजी चिकित्सक के यहां ले गए। चिकित्सक ने सांप के काटने के स्थान पर दवा लगा दी। परिजन उसे घर ले गए। इसके बाद महिला की को आंखों में अंधेरा छाने लगा और तबियत ज्यादा खराब हो गई। इसके बाद परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकाें ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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चिकित्सकों का कहना है कि अगर समय रहते महिला को एंटी स्नेक वेनम मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। अक्षत ने बताया कि उनके दादा की पूर्व में मौत हो चुकी है जबकि उनके पिता की करीब दो साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। अब परिवार में अक्षत, उसकी मां और बहन अनुष्का हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा का कहना है कि सर्पदंश के बाद मरीज काे बिना देरी किए जल्दी से जल्दी अस्पताल लेकर जाना चाहिए। एंटी स्नेक वेनम सभी अस्पतालों में उपलब्ध है। उधर, पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार देर शाम शव का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया
- इस तरह करें बचाव
1. बरसात के मौसम में बाहर निकलते समय जूते, मोटे कपड़े की पैंट आदि पहनें।
2. सांप दिखने पर पास न जाए और न ही उसे मारने की कोशिश करें, उसे बचकर जाने दें। हलचल एवं कंपन आदि से सांप दूर भागते हैं।
3. सर्पदंश पर घबराए नहीं, आराम से लेट जाएं, कपड़े ढीले कर दें, चूड़ी, कड़े, घड़ी अंगूठी जैसे आभूषण निकाल दें।
4. छोटे बच्चे, वृद्ध और अन्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों में जहर का असर गंभीर हो सकता है, इनके उपचार में देरी न करें।
5. घाव के साथ छेड़छाड़ न करें। दौड़ने भागने से जहर तेजी से शरीर में फैलता है।
6. सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति को मदिरा, नशे की कोई चीज और कैफीनेटेड ड्रिंक्स न दें।
7. झांड़-फूंक से बचें। पीड़ित को जल्द अस्पताल ले जाएं और चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार लें।
- सर्पदंश के बाद के लक्षण

1. अधिकांश सांप मांसाहारी होते हैं एवं छोटे जीव-जंतुओं को खाते हैं। मनुष्यों को ये अपने ऊपर खतरा देख कर ही डसते हैं।
2. सांप के जहर से ऊतक नष्ट होते हैं, नर्वस सिस्टम प्रभावित हो सकता है, ब्लड प्रेशर एवं हृदय पर असर अथवा क्लॉटिंग एवं रक्तस्राव होता है।
3. लक्षण उत्पन्न होने में कभी-कभी 6 से 12 घंटे का समय लग सकता है।
4. बिना जहर वाले सांप काटने पर काटे हुए स्थान पर थोड़ा दर्द और सूजन हो सकती है, जो सामान्यत: आसानी से ठीक हो जाती है।

5. जहरीले सांप के काटने पर यदि सांप द्वारा जहर नहीं उगला गया है तो खतरा नहीं होता है। यदि जहर उगला गया है तब काटने के स्थान पर तेज दर्द, छाला पड़ना, सूजन, लालिमा, नीलापन, रक्तस्त्राव, काला पड़ना या सुन्न होना हो सकता है।
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6. सांप के जहर के असर से व्यक्ति के काटे वाले भाग के पूरे अंग में तेज दर्द हो सकता है, कम ब्लडप्रेशर, कमजोर नाड़ी, बढ़ी धड़कन, उल्टी, दस्त, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, देखने में दिक्कत, हाथ-पैर ठंडे होना, सुन्न पड़ना, पसीना आना आदि हो सकते हैं।
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