शामली। जिले में बच्चों की शिक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता कहें या बेसिक शिक्षा परिषद के कार्यक्रमों का असर। परिषदीय विद्यालयों में पिछले तीन साल से बच्चों की नामांकन संख्या लगातार बढ़ी है। नए शैक्षिक सत्र की बात करें तो अब तक 16687 बच्चों के नए नामांकन हुए हैं। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद भी बच्चों के नए नामांकन किया जाएंगे।
नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के तहत सरकार द्वारा छह से 14 साल तक के बच्चों के विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों में स्कूल चलो अभियान के तहत रैली, नामांकन मेला, डोर टू डोर अभिभावकों से संपर्क कर जागरूक करना, ड्रॉप आउट बच्चों की तलाश कर विद्यालयों में नामांकन कराने जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का असर कहा जाए या शिक्षा के महत्व को लेकर अभिभावकों में जागरूकता या अन्य कुछ भी कारण रहे हो, बहरहाल विद्यालयों में बच्चों की संख्या बढ़ी है।
जिले में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट 596 विद्यालय है। एक अप्रैल से शुरू हुए नए शैक्षिक सत्र 2022-23 में अब तक 16687 नए नामांकन हुए हैं, जिन्हें मिलाकर अब जिले में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की संख्या 91511 हो गई है। अभी ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद विद्यालय खुलने पर भी नामांकन किए जाएंगे। पिछले साल 2021-22 में बच्चों की संख्या 88705 थी। इससे पहले शैक्षिक सत्र 2020-21 में 79518 बच्चे नामांकित थे। इस तरह से देखा जाए तो पिछले तीन साल से लगातार विद्यालयों में बच्चों की संख्या बढ़ी है। बेसिक शिक्षा के सामुदायिक सहभागिता के जिला समन्वयक अमित कुमार ने बताया कि तीन साल से लगातार विद्यालयों में बच्चों की संख्या बढ़ी है। इसकी वजह शासन के निर्देश पर चलाए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रम और अभिभावकों का अपने बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक होना है।
तीन साल में विद्यालयों में बच्चों की स्थिति
शैक्षिक सत्र - बच्चों की संख्या
2020-21 - 79518
2021-22 - 88705
2022-23 अब तक - 91511