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-हनुमान ने लगाई आग, धू- धू कर जली उठी रावण की लंका-

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चौसाना में रामलीला का मंचन करते कलाकार। - फोटो : SHAMLI
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हनुमान ने लगाई आग, धू-धू कर जली उठी रावण की लंका
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कैराना/ कांधला/चौसाना/ गढ़ीपुख्ता। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही श्रीरामलीलाओं में दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है। कैराना में आयोजित श्रीरामलीला महोत्सव में हनुमान जी द्वारा अक्षय कुमार का वध और लंका दहन की लीला का मंचन किया गया।
श्री रामलीला के 13 वें दिन रामचंद्र जी के आदेश पर हनुमान जी समुंदर पार कर कर लंका पहुंच जाते हैं, जहां सबसे पहले उन्हें एक कुटिया में राम नाम का जाप कर रहे विभीषण मिलते हैं। हनुमान जी बताते हैं कि मैं सीता जी की खोज में लंका आया हूं। विभीषण बताते है कि रावण ने माता सीता जी को अपनी अशोक वाटिका में लंकिनी नामक राक्षसी की सुरक्षा में छुपा कर रख रखा है। हनुमान जी अशोक वाटिका में पहुंच जाते हैं। सीता जी के सामने हनुमान जी पहुंचते हैं और उन्हें सारा वृतांत बताते हैं और रामचंद्र जी के द्वारा दी गई निशानी के तौर पर अंगूठी उन्हें दिखाते हैं।
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इस पर सीता जी हनुमान जी से कहती हैं कि प्रभु को यह संदेश भेज देना कि जल्द मुझे कैद से मुक्ति दिलाए। इसी दौरान हनुमान जी माता सीता की अनुमति लेकर अशोक वाटिका में लगे फलों को खाने लगते हैं और पेड़-पौधे तोड़ देते हैं। रावण अपने पुत्र अक्षय कुमार को उस वानर को पकड़ने के लिए भेजता है। हनुमान जी अक्षय कुमार का वध कर देते हैं। अक्षय कुमार की मृत्यु की सूचना पर क्रोधित रावण अपने पुत्र मेघनाथ को हनुमान जी को पकड़ने के लिए अशोक वाटिका भेजता है तो मेघनाथ ब्रह्मास्त्र चला कर हनुमान जी को पकड़कर रावण के दरबार में ले आता है। जहां पर हनुमान जी रावण को काफी समझाने का प्रयास करते हैं परंतु रावण नहीं मानता है। तब रावण अपने सेनापतियों को आदेश देता है कि इसकी पूंछ में आग लगा दो और इसे छोड़ दो। इसके बाद हनुमान जी अपनी पूछ की आग से रावण की पूरी लंका जला देते हैं और सीता जी से मिलकर निशानी के तौर पर उनकी चूड़ामणि लेकर समुंदर पार करते हुए रामा दल में पहुंच जाते हैं।
कांधला कस्बे में श्री रामलीला कमेटी मंडप पंचवटी की ओर से चल रही रामलीला में राम-सीता वियोग, जटायु-राम मिलन, जटायु अंत्येष्टि, पंपापुर भ्रमण, हनुमान राम सुग्रीव मिलन और बाली वध का मंचल हुआ। मंचन के दौरान रामलीला कमेटी के रामलीला कमेटी के प्रबंधक रामकुमार सिंघल, उपाध्यक्ष मेहरचंद सिंघल, सचिन शर्मा, अशोक महेश्वरी, राजेन्द्र आचार्य, नीरज गोयल, लोकेश गोयल, मनीष गोयल, धनप्रकाश गोयल, श्याम कुमार सिंघल, नीरज गुप्ता, प्रमोद शर्मा, अमित गर्ग, अमन मित्तल, शिवम गोयल, निखिल महेश्वरी आदि लोग शामिल रहे।
चौसाना कस्बे में श्रीराम लीला कमेटी की ओर से जय भारत इंटर कॉलेज में आयोजित बड़ी रामलीला में पंचवटी, सूर्पणखा, रावण दरबार और सीता हरण की लीला का मंचन हुआ। रामलीला देखने के लिए सैंकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे।
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गढीपुख्ता के हथछौया में रामलीला में सीता हरण का मंचन किया गया। हे महादेव मेरी लाज रहे, मेरी लाज रहे तेरा नाम रहे के उच्चारण से राम लीला का आरंभ हुआ। इस दौरान रामलीला के पात्रों ने पंचवटी में बैठे श्री राम, लक्ष्मण व सीता माता को देख रावण की बहन सूर्पणखा द्वारा अपना रूप बदल उन्हें मोहित करना, लक्ष्मण द्वारा सूर्पणखा की नाक काटने आदि दृश्य पेश किए। माता सीता का मृग पर मोहित होना एव मृग को लाने के लिए हठ करना के बाद रावण का भेष बदलकर माता सीता को लंका ले जाना जैसे दृश्यों का मंचन किया गया। इस दौरान जसवीर तोमर, अनिल तोमर, कुलदीप तोमर, लहणा तोमर , विकास शर्मा, गौरव शर्मा अरुण तोमर अंकुश तोमर रणवीर तोमर , अश्वनी शर्मा ,उमेश लाला, परविंदर लाला, सेठपाल कश्यप, कंवर पाल उपाध्याय, राजेंद्र उपाध्याय आदि कमेटी सदस्य मौजूद रहे ।

कैराना में रामलीला का मंचन करते कलाकार- फोटो : SHAMLI

जलालाबाद में रामलीला का मंचन करते कलाकार- फोटो : SHAMLI

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