कोरोना काल के बाद बढ़ी जीएसटी वसूली
शामली। कोरोना काल के बाद जीएसटी वसूली भी बढ़ने लगी है, लेकिन साल भर का लक्ष्य पूरा होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। पिछले साल फरवरी माह के मुकाबले इस बार जिले में 49 लाख रुपये ज्यादा जीएसटी की वसूली हुई है, जबकि पिछले माह के लक्ष्य के सापेक्ष 99 प्रतिशत की वसूली हुई थी।
कोरोना लॉकडाउन के दौरान उद्योगों और कंस्ट्रक्शन कार्यों समेत अन्य कारोबार की स्थिति बेहद खराब हो गई थी। इसके चलते जीएसटी वसूली काफी गिर गई थी। कोरोना काल के बाद जीएसटी वसूली की स्थिति सुधर रही है। पिछले साल फरवरी माह के मुकाबले इस बार जिले में 49 लाख रुपये अधिक जीएसटी जमा हुआ है। पिछले साल फरवरी में 6.50 करोड़ रुपये का जीएसटी जमा हुआ था, जबकि इस बार 6.99 करोड़ जीएसटी जमा हुआ था। फरवरी माह के निर्धारित लक्ष्य के विपरीत 79.7 प्रतिशत वसूली हुई है, जबकि जनवरी माह में वसूली 99 प्रतिशत हुई थी। इस वर्ष मार्च के आखिर तक 130.59 करोड़ का जीएसटी जमा करने का लक्ष्य है, लेकिन इसके मुकाबले अभी तक 75.6 करोड़ रुपये ही जमा हो पाए हैं। यह लक्ष्य का 80.09 प्रतिशत है।
कंस्ट्रक्शन कार्य कम होने से हुई गिरावट
शामली। डिप्टी कमिश्नर जीएसटी सिद्धार्थ सौरभ ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान जीएसटी जमा होने में कमी आई है। कंस्ट्रक्शन का कार्य बंद होने से इन कंपनियों का कार्य बंद हो गया था। इसके चलते कम जीएसटी जमा हुआ है। उन्होंने बताया कि मार्च माह में वार्षिक लक्ष्य पूरा करने की कोशिश की जाएगी।
बचत योजनाओं में भी बढ़ रहा निवेश
शामली। कोरोना काल के बाद बचत योजनाओं में भी निवेश बढ़ा है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले ही डाकघर की विभिन्न बचत योजनाओं में शामली और मुजफ्फरनगर जनपद में 205.66 करोड़ रुपये जमा हुए हैं, जबकि वित्तीय वर्ष का लक्ष्य 100.70 करोड़ रुपये था। इस लक्ष्य के मुकाबले 205.17 प्रतिशत अधिक निवेश हुआ है। जनवरी माह में 26.70 तथा दिसंबर माह में 23.49 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जबकि फरवरी माह का निवेश और ज्यादा होने की उम्मीद है। इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।