कापियां भरने से नहीं सटीक जवाब से आते हैं अच्छे नंबर
शामली। बोर्ड परीक्षा के दौरान ये जरूरी नहीं कि आप पूरी रात पढ़ाई करो। परीक्षा के दिनों में भी रात को कम से कम आठ घंटे की नींद लेेनी चाहिए। ये धारणा भी मन से निकाल देनी चाहिए कि जितने ज्यादा पेज और कापियां भरेंगे नंबर उतने ही अच्छे आएंगे। पेपर में सवालों का सटीक और प्वाइंट टू प्वाइंट जवाब देने से ही अच्छे नंबर आते हैं। ये कहना है सीबीएसई परीक्षा 2019 में ऑल इंडिया मेरिट में चौथा स्थान पाने वाली आस्था जैन का। आस्था ने 99 प्रतिशत अंक हासिल किए। शहर के स्कॉटिस इंटरनेशनल से कक्षा 12 पास करके आस्था अब दिल्ली में पढ़ाई कर रही हैं। अमर उजाला से बातचीत में आस्था ने बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने के टिप्स परीक्षार्थियों को दिए।
उन्होंने बताया कि सीबीएसई परीक्षा में आने वाला प्रश्न पत्र पूूरी तरह एनसीईआरटी बुक से आता है। इसलिए परीक्षा की तैयारी के लिए ज्यादा बुक पढ़ने की बजाय केवल एनसीईआरटी की सब्जेक्ट बुक पर फोकस करें। उसका कई बार रिजीवन करें और प्रश्नों को हल करें। पिछले पांच सालों में परीक्षा में आए प्रश्न पत्रों को हल करके अपने सब्जेक्ट टीचर से चेक कराएं। इससे उन्हें अपनी गलती का पता चलता है। उसने परीक्षा से डेढ़ महीने पहले ये रिवीजन शुरू कर दिया था। प्री बोर्ड एग्जाम जरूर देने चाहिए उससे भी गलतियां सुधरती हैं।
उनका कहना है कि बहुत से परीक्षार्थी ये मानते हैं कि परीक्षा में थ्योरीकल सब्जेक्ट्स में जितने ज्यादा पेज और कापियां भरेंगे, उतने ही अच्छे नंबर आते हैं, इस चक्कर में बहुत से परीक्षार्थी एक या दो नंबर के सवाल पर भी एक पेज भर देते हैं। दीर्घ उत्तरीय बड़े सवालों पर तो वे छह से सात सात पेज भरते हैं। ऐसा करने से वह अपना समय बेकार करते हैं। एक नंबर के सवाल का जवाब एक या दो लाइन और दो नंबर के सवालों का जवाब ज्यादा से ज्यादा चार से पांच लाइन में दें। दीर्घ उत्तीय प्रश्नों के जवाब प्वांट टू प्वाइंट, आकर्षक हैडिंग और महत्वपूर्ण तथ्यों को अंडरलाइन करके देने चाहिए। इसी से परीक्षक प्रभावित होते हैं और अच्छे नंबर आते हैं।
उसके पास राजनीति विज्ञान, भूगोल, इकोनॉमिक्स और हिंदी जैसे थ्योरिकल सब्जेक्टस ही थे। इनमें भूगोल, राजनीति विज्ञान और हिंदी में भी 100 में से पूरे 100 नंबर मिले थे। अंग्रेजी और अर्थशास्त्र में 98, और पेटिंग में भी पूरे 100 नंबर मिले थे। आस्था ने ये भी कहा कि परीक्षा के दिनों में पूरी रात जागकर पढ़ना एकदम गलत है। पेपर के दिनों में भी रात को कम से कम आठ घंटे नींद लेनी चाहिए इससे परीक्षा के समय तरो ताजा रहोगे। यदि रात भर जागेंगे तो पेपर में नींद आएगी और याददाश्त भी कमजोर होगी। शाम के समय एक से डेढ़ घंटा मनोरंजन भी जरूरी है। इस दौरान खेलना म्युजिक सुनना या टीवी भी देखना चाहिए।