शामली। डीएम जसजीत कौर ने विद्यार्थियों से कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई। इस दौरान सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मेपल्स एकेडमी में सड़क सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीएम जसजीत कौर ने विद्यार्थियों को शपथ दिलाई कि वे हमेशा यातायात नियमों का पालन करेंगे। उन्होंने छात्राओं को हेल्पलाइन नंबर, घरेलू हिंसा और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सरकार की तरफ से उपलब्ध नंबरों की जानकारी दी। एडीएम संतोष कुमार ने विद्यार्थियों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने को कहा। एआरटीओ मुंशीलाल ने ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि 18 साल से कम आयु को वाहन नहीं चलाना चाहिए। स्कूल प्रबंधक मुकेश संगल ने डीएम को पुष्प भेंट कर आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन मुस्कान व शलभ ने किया। इस मौके पर शिक्षिका तानिया, आकांक्षा पंवार, विनोद, साधना, पिंकी बालियान, इंदु सागर, अभिनव आदि मौजूद रहे।
श्री सत्यनारायण इंटर कॉलेज शामली के छात्रों ने सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत रैली निकाली। इस अवसर पर प्रधानाचार्य अनिल शर्मा ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया और अपने आसपास के लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया। रैली का संचालन अनिल कश्यप व शिव कुमार ने किया। हिंदू कन्या इंटर कॉलेज शामली में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को सड़क सुरक्षा रैली निकाली। इसके बाद शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों की गोष्ठी और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
डीएवी कॉलेज में छात्र छात्राओं को दी गई सड़क सुरक्षा संबंधी जानकारी
गढ़ीपुख्ता सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान कस्बे के डीएवी इंटर कॉलेज ऊन में छात्र-छात्राओं की एक रैली का आयोजन किया गया। जिसको स्कूल प्रधानाचार्य हरविंदर सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले प्रार्थना सभा स्थल पर ही प्रधानाचार्य हरविंदर सिंह ने यातायात नियमों की जानकारी सभी छात्र-छात्राओं व स्टाफ को दी। इसके बाद निकाली गई प्रभात फेरी को हरविंदर सिंह आर्य ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया उसके बाद अध्यापक हजारों ने सभी छात्र छात्राओं राहगीरों को सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान अरविंद मालिक, कुलदीप कुमार, विशाल सैनी, प्रीति, मनोरमा आदि अध्यापकों का सहयोग रहा।