कैराना (शामली)। कस्बे में छोटा इमामबाड़ा में मंगलवार को एक मजलिस का आयोजन किया गया, जिसमें लखनऊ से शिरकत करने आए शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद ने भी खिताब किया।
उन्होंने फरमाया कि कुरान-ए-करीम हमारे लिए मुकम्मल हिदायत का जरिया है। इसकी तिलावत अधिक से अधिक करते रहना चाहिए क्योंकि हजरत इमाम हुसैन ने तो नोक-ए-नेजा पर भी तिलावत करके बता दिया था कि कुरान मौज्जा है। हमें इमाम हुसैन की अजीम कुर्बानी को याद करते हुए सबक लेना चाहिए। इसी में हमारी दुनिया में भी कामयाबी है और आखिरत में भी हमेशा हमें अपने जीवन में खुदा के बताए गए रास्तों पर चलकर जीवन जीना चाहिए। मजलिस में शिया समुदाय के लोगों ने भारी संख्या में भाग लिया। मौलाना साहब ने मुल्को मिल्लत की सलामती के लिए दुआ कराई। नगर के प्रसिद्ध शायर कौसर जैदी कैरानवी की पत्नी नजर बानों के निधन पर मरहूमा की मगफिरत के लिए विशेष दुआएं की। इस दौरान अली हैदर, वसी हैदर, शब्बू हैदर, बब्बर अब्बास, अली अब्बास, रईस हैदर सुजात हुसैन सरवर हुसैन, सदाकत हुसैन, सहित आदि शामिल रहे।