प्राचीन देवी मंदिर तालाब में मछलियां मरीं
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। प्राचीन देवी मंदिर तालाब में कुछ लोगों द्वारा पॉलिथीन, प्रयोग की गई हवन सामग्री, कुछ अन्य पुस्तकें डालने से तालाब में रहने वाली मछलियां मर गईं। मौके पर श्रद्धालु इकट्ठा हो गए। इसकी जानकारी पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची।
सोमवार शाम प्राचीन देवी मंदिर तालाब पर काफी संख्या में श्रद्धालु भ्रमण करने आते हैं। इस दौरान कुछ श्रद्धालुओं की नजर तालाब में मरी मछलियों पर पड़ी। तालाब में मछलियों के मरने की जानकारी पाकर काफी संख्या में श्रद्धालु इकट्ठा हो गए। इस पर किला गेट चौकी प्रभारी भी मौके पर पहुंचे। तालाब में छोटी और बड़ी मछलियां मरकर पानी पर तैर रही थी। व्यापार मंडल के अध्यक्ष विपुल जैन भी मौके पर पहुंचे और मछली पालन करने वालों से फोन पर बात की। मछली पालकों ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी के कारण मछलियां मर जाती हैं। इसके अतिरिक्त पानी में गंदगी के कारण भी मछलियां मर सकती हैं। कुछ श्रद्धालु मछलियों के लिए ऑक्सीजन की गोलियां भी मंगाने की बात कर रहे थे। देर शाम तक प्राचीन देवी मंदिर तालाब पर मछलियां देखने वालों की भीड़ लगी रही।
एक महीना पहले अमर उजाला ने जताई थी आशंका
प्राचीन देवी मंदिर तालाब में कुछ श्रद्धालु मछलियों को आटे की गोली खिलाने के बाद पॉलिथीन भी तालाब में डाल देते हैं। इसके अतिरिक्त तालाब के अंदर पुरानी धार्मिक पुस्तकें, प्रयोग की गई हवन सामग्री आदि भी डालते थे। जिस कारण तालाब का पानी दूषित होता जा रहा था। 12 जून को अमर उजाला ने उफ्फ यह लापरवाही, मछलियों पर पड़ रही भारी समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसमें श्रद्धालुओं से तालाब में गंदगी नहीं डालने के लिए अपील की गई थी। करीब चार साल पहले भी गंदगी के कारण देवी मंदिर तालाब में हजारों मछलियां मर गई थी।
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