शामली। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग में वाद दायर करने पर कई-कई साल तक मामले लंबित नहीं रहते बल्कि कई मामलों में दो से लेकर छह माह में भी पीड़ितों को इंसाफ दिलाया जा रहा है। आयोग के पदाधिकारी लोगों से वाद दायर करने की अपील कर रहे हैं। हर माह आयोग में 10 से लेकर 12 मामले पहुंच रहे हैं।
कम समय में आयोग द्वारा निस्तारित किए गए मामलों की बानगी....
केस-1 : शामली के रेलवे रोड के रहने वाले आफताब ने 26 अक्तूबर 2024 को उपभोक्ता प्रतितोष आयोग में याचिका लगाई। जिसमें कहा कि उसने गांधी आश्रम से कपड़े खरीदे थे जो खराब निकल गए। बार-बार कहने के बावजूद कपड़ों को नहीं बदला गया। आयोग ने मात्र 90 दिन में दोनों पक्षों के बीच सुलह करा दी।
केस-2 : वर्ष 2017 में किरौड़ी गांव के जयवीर सिंह ने पशु की मौत होने पर पॉलिसी के रुपये नहीं देने पर आयोग में याचिका लगाई थी। आयोग ने सुनवाई करते हुए मात्र छह माह में यूनिवर्सल सोम्यो कंपनी को दोषी मानते हुए 70 हजार रुपये वादी को मय ब्याज के देने और 50 हजार का जुर्माना लगाया।
केस-3 : बनत गांव की रहने वाली अंशिका ने 16 मई 2023 को आयोग में याचिका लगाई थी। आरोप था कि उसने पंचुरी से चेहरे का मेकअप कराया था। मगर मेकअप के दौरान उसके चेहरे पर निशान हो गए। आयोग ने सुनवाई करते हुए आठ माह में मामला निस्तारित करते हुए पंचुरी पर 1.13 लाख का जुर्माना लगाया।
केस-4 : शामली के काजीवाड़ा की शाहजहां का बिजली बिल लगातार गलत आ रहा था। पीड़िता ने दो माह पूर्व ही आयोग का दरवाजा खटखटाया था। आयोग ने दो माह में ही मामले का निस्तारण कराते हुए दोनों पक्षों के बीच सुलह करा दी।
- परिवाद दायर करने के लिए भटकने की जरूरत नहीं
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने बताया कि फोरम में अपना परिवाद दायर करने के लिए अधिक भटकने की जरूरत नहीं है। महज एक प्रार्थना पत्र के आधार पर परिवाद दायर हो जाता है।
- जानिए... कौन लोग कर सकते हैं परिवाद दायर
एक ऐसा लेनदेन या सेवा जिसमें धन का आदान और प्रदान हुआ है उससे संबंधित किसी भी शिकायत की सुनवाई उपभोक्ता फोरम में हो सकती है। इसके दायरे में सरकारी प्रतिष्ठानों जैसे टेलीफोन, विद्युत, डाक, इंश्योरेंस, मेडिकल, सभी मार्केट आदि की सेवाएं भी आती है।
सुनवाई का अधिकार
जिला उपभोक्ता फोरम में एक रुपये से लेकर 50 लाख रुपये या उससे अधिक के परिवादों की सुनवाई की जाती है।
फोरम के दंडाधिकार
जिला उपभोक्ता फोरम दोषी पाए जाने पर आरोपी को अधिकतम तीन साल की जेल, अर्थदंड और जरूरत पड़ने पर वारंट जारी कर सकता है।
कुछ लोगों को भय रहता है कि आयोग में कई-कई साल तक मामले लंबित रहते हैं। शामली में मात्र दो से लेकर छह माह में भी कई मामलों का निस्तारण किया गया है। प्रयास रहता है कि जल्द से जल्द निस्तारण कर फैसला सुनाया जाए। - हेमंत कुमार गुप्ता, अध्यक्ष जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, शामली
फैक्ट फाइल
जिले में वर्ष 2014 से आयोग में पहुंचे कुल मामलों की संख्या : 1516
निस्तारित मामले : 1069
लंबित मामले : 437
जिले में हर माह आयोग में पहुंचने वाले मामलों की संख्या : 10 से 12