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सहकारी समितियों में नहीं है खाद का स्टॉक, किसान परेशान

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शामली गन्ना समिति के गोदाम में रखे खाद के कटटे - फोटो : SHAMLI
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शामली/ कैराना/ बाबरी। फसल उत्पादन बढ़ाकर सरकार किसानों की आय को दोगुना करने का दावा भले ही कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। इन दिनों आलू की बुवाई किसानों को करनी है, लेकिन जनपद में खाद की किल्लत है। किसानों को गुणवत्ता पूर्ण खाद देने के लिए जनपद में 29 सहकारी समिति हैं। 3 गन्ना समिति हैं, जिनके 18 केंद्र हैं। ज्यादातर समितियों के पास इन दिनों उर्वरक नहीं है। इससे किसान परेशान हैं।
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गन्ना सहकारी समिति शामली पर पिछले पांच माह से एनपीके नहीं है। डीएपी होने के बावजूद किसानों को नहीं दिया जा रहा है। इसका कारण क्रेडिट लिमिट न बनना बताया जा रहा है। यूरिया के 1900 बोरे हैं, जबकि डीएपी के 300 बोरे उपलब्ध हैं। जसाला में पीसीएफ 675 डीएपी, 675 एनपीके और यूरिया 310 बोरे हैं। कैराना क्षेत्र में 3 सहकारी समितियां हैं। जिनमें से 2 समितियों के पास डीएपी खाद का स्टाक खत्म हो गया है। जबकि एक समिति में खाद का स्टाक कम मिला। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे मलकपुर स्थित सहकारी समिति पर डीएपी खाद के केवल दो ही बोरे ही उपलब्ध थे। समिति के लिपिक अंसार चौहान ने बताया कि दो दिन पहले भी खाद का स्टाक खत्म होने पर सोमवार शाम ट्रक से 500 खाद के बोरे आए थे। जिनमें से केवल दो ही बोरे बचे हैं। बुधवार शाम तक खाद के बोरे आने की संभावना है। यूरिया का स्टाक पूरा है। वहीं गांव भूरा की सहकारी समिति के श्याम सिंह ने बताया कि रविवार को यहां पर खाद का स्टाक खत्म हो गया था। करीब 10 किसान खाद लेने के लिए आए थे। जिन्हें कल आने की बात कह कर वापस भेज दिया गया। आज शाम तक खाद आने की संभावना है। ऊंचा गांव सहकारी समिति पर डीएपी खाद के केवल 39 बोरे ही थे। समिति के एमडी विनय चौहान ने बताया बुधवार या बृहस्पतिवार को खाद आ सकती है। यहां पर किसानों को समय पर खाद दी जा रही है। महावतपुर सोसायटी पर किसान अरुण व प्रदीप आदि खाद खरीदकर ले जाने के दौरान बताया कि खरीद कर रख रहे हैं। पैसे बढ़ने की आशंका है। समिति सचिव तरुण राणा ने बताया कि खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। रायपुर के लाडोमजरी में किसान धारा सिंह ने यूरिया खाद ले जाने के दौरान बताया कि गन्ने की फसल में डालने के लिए ले जाया जा रहा है। समिति सचिव जितेंद्र ने बताया कि 300 यूरिया व 165 बोरे डीएपी के उपलब्ध है।
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