फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अधिकारियों को खेतों में नहीं घुसने देंगे किसान

विज्ञापन
शामली कलक्ट्रेट में थानाभवन के किसानों की सुनवाई करते एडीएम संतोष कुमार। - फोटो : SHAMLI
विज्ञापन
बाबरी। दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर को लेकर मंगलवार को किसान संघर्ष समिति की बैठक ग्राम गोगवान में हुई। जिसकी अध्यक्षता ठाकुर वीर सिंह और संचालन विदेश मलिक ने किया। बैठक में किसानों ने कहा कि कि जब तक किसानों की समस्याओं का हल बातचीत से नहीं निकलता है, एनएचएआई और कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारी खेतों में किसी भी कार्य के लिए घुसने का प्रयास न करें। किसानों की जिला प्रशासन और एनएचएआई के परियोजना निदेशक के साथ 25 फरवरी को एक बैठक हुई थी, जो बेनतीजा रही थी। उसके बाद प्रशासन की तरफ से बातचीत के लिए कोई पहल नहीं की गई इस पर भी किसानों में रोष व्यक्त किया। सभी किसानों ने यह तय किया कि अपने अपने गांव में निगरानी रखेंगे। अगर कोई जोर जबरदस्ती होती है या कोई टकराव होता है तो इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। जल्द ही किसान प्रशासनिक अधिकारियाें से मिलेंगे। बैठक में यह भी तय हुआ कि अगर कहीं पर कंपनी काम शुरू करने आती है, तो किसान वहीं पर काम रुकवा कर धरने पर बैठ जाएंगे। बैठक में सभी 22 गांव के संघर्ष समिति के सदस्यों ने हिस्सा लिया। जिसमें मुख्य रुप से विजेंद्र सिंह, सतपाल सिंह, प्रमोद, सुरेश राणा, हाजी तुफैल, सतपाल सिंह, वीरपाल, ठेकेदार विनीत आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन

थानाभवन की पट्टी नौगांव में दोबारा होगा सर्वे
शामली। अंबाला-शामली इकनॉमिक कॉरिडोर की जद में आ रही थानाभवन की पट्टी नौगांव के लोगों की आपत्तियों पर मंगलवार को एडीएम संतोष कुमार सिंह ने सुनवाई की। इस दौरान किसानों ने वकीलों के माध्यम से अपनी समस्या रखी।
उन्होंने कहा कि कि खसरा संख्या 1046, 1047, 1048, 1049 भूमि आवासीय रेट के अनुसार खरीदी गई है। इस भूमि पर वैष्णवी विहार कॉलोनी करीब 10 वर्ष से बसी हुई। जिसमें लोगों ने अपनी मकान और दुकान बनाकर चहारदीवारी की गई है। कुछ लोगों ने मकान बनाकर रहना भी शुरू कर दिया है। ऐसे में उन्हें आवासीय दर से भूमि अधिग्रहण का मुआवजा दिया जाए। उनके सभी आवास, प्लाट और दुकान का अधिग्रहण हो गया है। ऐसे में उन्हें 5-5 लाख रुपये अतिरिक्त और आवासीय प्लाट भी प्रदान किए जाएं। अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा बैनामों के आधार पर मिले। जिले में 2013 से सर्किल रेट नहीं बढ़ा है। ऐसे में 20 प्रतिशत प्रतिवर्ष कर सर्किल रेट को अपडेट कर चार गुना मुआवजा दिया जाए। वर्तमान बाजार दर पर मुआवजे का निर्धारण किया जाए। इस संबंध में एडीएम ने कहा कि दोबारा सर्वे कराकर इन लोगों को मुआवजा दिया जाएगा। इस मौके पर सुधीर कुमार, आदेश कुमार, विवेक कुमार, मदनपाल सिंह, पंकज सिंह, सोमपाल सिंह, भारतभूषण, रामवीर, महताब, हरेंद्र, अनिल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें