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राज्य सरकार का बजट 2022- किसान, व्यापारी, विपक्ष राज्य सरकार के बजट से दिखे नाखुश

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शामली बजट से संबंधित परिचर्चा फोटो भाकियू जिला अध्यक्ष कपिल खाटियान। - फोटो : SHAMLI
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शामली। प्रदेश के वित्तमंत्री सुरेश खन्ना के बृहस्पतिवार को विधानसभा सदन में पेश किए गए बजट 2022 को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिली रही है। राज्य सरकार के बजट से व्यापारी, किसान, विपक्ष नाखुश दिखे। सत्ता पक्ष के लोग बजट को आम जनमानस को भला करने वाला माना है।
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सरकार ने नहीं सुनी व्यापारियों की पीड़ा
राज्य सरकार का 2022 का बजट निराशा जनक है। सरकार ने व्यापारियों की पीड़ा नहीं सुनी। राज्य सरकार के बजट में व्यापारियों को स्टॉक का बीमा पर कोई घोषणा नहीं की गई। बिजली की व्यवसायिक दर दोगुनी हैं। इन्हें कम नहीं किया गया। 60 साल से ऊपर व्यापारियों को पेंशन दिए जाने की घोषणा नहीं की गई। दो साल के कोरोना काल से टूटे व्यापारियों को राहत पैकेज तक नहीं दिया है। - घनश्यामदास गर्ग, प्रदेशाध्यक्ष पउप्र संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल।
सरकार के से उद्यमी निराश
कोरोना काल के बाद उद्यमियों को इस बजट से उम्मीद थी कि जीएसटी का सरलीकरण होगा। उन्हें सब्सिडी मिलेगी। लेकिन इस बजट से उद्यमियों को निराशा ही हाथ लगी है।- अनुज गर्ग, अध्यक्ष आईआईए।
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मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अंतर्गत 800 इकाईयों की स्थापना कराकर 16000 रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग नीति के अंतर्गत 5 वर्ष में 40,000 करोड़ के निवेश और 4 लाख रोजगारों का सर्जन स्वागत योग्य है। अंकित गोयल, अध्यक्ष सायमा।
सरकार ने किसानों का बजट में ध्यान नहीं रखा है
राज्य सरकार का बजट किसान के लिए निराशाजनक रहा है। जिले गन्ना किसानों का बकाया है किसी भी फसल का एमएसपी नहीं बढ़ाया गया है। किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली दिए जाने के वादे को लेकर भी सरकार खरी नहीं उतरी। इस बजट में किसानों के लिए ऐसा कुछ नहीं है, जिससे उसको लाभ मिल सके। किसान निराश है और परेशान हैं। लेकिन सरकार कोई सुध नहीं ले रही है। - चौधरी सवित मलिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान यूनियन।
बजट में आम नागरिकों को ठगा
राज्य सरकार का बजट में किसानो, मजदूरों, व्यापारियों को ध्यान रखा गया है। भाजपा का साधारण बजट है। किसानों को मुफ्त बिजली, घरेलू बिजली बिल में छूट नही दी गई है। बजट में आम नागरिकों को ठग लिया गया है। - कपिल खाटियान, जिलाध्यक्ष भाकियू।
अवशेष गन्ना भुगतान, मिलों की आधुनिकीकरण के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं
राज्य सरकार के बजट में गन्ना किसानों के अवशेष भुगतान की व्यवस्था के लिए एक हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था किए जाने व चीनी मिलों के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण के लिए 380 करोड़ रुपये बहुत कम है। एयरपोर्ट में मेरठ को शामिल नहीं किया गया है। यह बजट किसानों को निराश करने वाला है- अशरफ अली विधायक थानाभवन।
आमजन मानस का भला करने का राज्य सरकार का बजट
उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने मजदूर से लेकर व्यापारी, किसान समेत सभी वर्गों के उत्थान के उत्थान के लिए बजट जारी किया है। इस बजट से आम जनमानस का लाभ होगा।- प्रदीप चौधरी, सांसद कैराना लोकसभा।
विकास सिर्फ आंकड़ों में दिख रहा है
सरकार कहती है कि किसान आय दोगुनी कर देंगे, लेकिन इस दिशा में कुछ नहीं किया। विकास सिर्फ आंकड़ों मे दिख रहा है। जबकि सच्चाई यह है की युवा बेरोजगार हो गया है। जबकि योगी सरकार का एक बड़े-बड़े दावे करती है। लेकिन सभी खोखले साबित होते है । जनता के लिए कुछ नहीं कर रहे है, मंहगाई चरम सीमा पर पहुंच गई है। - दीपक सैनी, जिलाध्यक्ष कांग्रेस।

शामली बजट से संबंधित परिचर्चा फोटो उद्यमी अनुज गर्ग।- फोटो : SHAMLI

शामली बजट से संबंधित परिचर्चा फोटो सांसद प्रदीप चौधरी ।- फोटो : SHAMLI

शामली बजट से संबंधित परिचर्चा फोटो अंकित गोयल ।- फोटो : SHAMLI

शामली बजट से संबंधित परिचर्चा फोटो राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान यूनियन सवित मलिक।- फोटो : SHAMLI

शामली बजट से संबंधित परिचर्चा फोटो थानाभवन विधायक अशरफ अली।- फोटो : SHAMLI

शामली बजट से संबंधित परिचर्चा फोटो व्यापारी नेता घनश्यामदास गर्ग।- फोटो : SHAMLI

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