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कीटनाशकों के दुष्प्रभाव से बचाएगा ‘किसान ड्रोन’

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शामली। पीएम मोदी द्वारा किसान ड्रोन का उद्घाटन करने बाद इसी सप्ताह जिले में ड्रोन से गन्ने की फसल में फर्टीलाइजर और कीटनाशक का छिड़काव का किसानों को पहला प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद किसान गन्ने की खेती में फर्टीलाइजर और कीटनाशक का छिड़काव कर सकेंगे। जिससे किसान कीटनाशक के दुष्प्रभाव से बचेंगे और समय की भी बचत होगी।
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वेस्ट यूपी के शामली समेत सभी जिलों में किसान गन्ने व दूसरी फसलों में मार्च से लेकर जुलाई तक और सितंबर, अक्तूबर में फर्टीलाइजर और फेस्टीसाइड का छिड़काव करते हैं। किसान पांच छह घंटे में एक एकड़ गन्ने की फसल में छिड़काव कर पाते हैं। फर्टीलाइजर और कीटनाशकों का छिड़काव करते समय कई बार किसानों की स्वास्थ्य पर बुरे प्रभाव भी पड़ते हैं। तमाम तरह की असुविधा का सामना भी किसानों को करना पड़ता है।
किसान ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक और फर्टीलाइजर के छिड़काव के दौरान इनसे होने वाले दुष्प्रभाव से किसान बचेंगे। समय की भी बचत होगी। शामली कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने बताया कि ड्रोन से गन्ने की खेती में फर्टीलाइजर और कीटनाशक का छिड़काव का कृषि विभाग ने निर्णय लिया है।
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कृषि विभाग इसी सप्ताह सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ से ड्रोन मंगाकर शामली कृषि विज्ञान केंद्र में डीएम जसजीत कौर की मौजूदगी में ड्रोन के माध्यम से किसानों को गन्ने की खेती में फर्टीलाइजर और पेस्टीसाइड का छिड़काव करने का प्रशिक्षण देगा। जिले के 50 किसानों को शामली कृषि विज्ञान केंद्र में ड्रोन का प्रदर्शन करते हुए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कैसे करेगा कीटनाशक और फर्टीलाइजर का ड्रोन छिड़काव
कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने बताया कि किसान ड्रोन में कीटनाशक या फर्टीलाइजर का एक ड्रम जुड़ा होगा। ड्रम में 10 लीटर से लेकर 50 लीटर फर्टीलाइजर या कीटनाशक होगा। रिमोट कंट्रोल और जीपीएस की मदद से ड्रोन को संचालित किया जाएगा। ड्रोन के माध्यम से किसान कम समय में अधिक भूमि में कीटनाशक और फर्टीलाइजर का छिड़काव कर सकेगा। ड्रोन से कीटनाशक स्प्रे से किसान का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा।
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कृषि ड्रोन के ये होंगे लाभ
- कीटनाशक का कम समय में अच्छे से हो सकेगा छिड़काव।
- ड्रोन के सेंसर के जरिए सिंचाई पर रखी जा सकती है निगरानी।
- फसल में हुए नुकसान का ड्रोन की मदद से किया जा सकता है आंकलन।
- ड्रोन का उपयोग फसल स्वास्थ्य की निगरानी भी की जा सकती है।
- ड्रोन के जरिए किसान पशुओं की निगरानी भी कर सकते हैं।
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