अति उत्साह ने बढ़ा दिया शहर का प्रदूषण मानक
शामली। कोरोना की जंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर रविवार रात पूरा देश एकजुट दिखा। लोगों ने धर्म मजहब भूल अपने घर रोशन किए। काफी अति उत्साहित लोगों ने जमकर आतिशबाजी भी की। इसका नतीजा हुआ कि प्रदूषण का मानक स्तर बढ़ गया। हालांकि जिले का मानक स्तर सामान्य की श्रेेणी में ही रहा।
प्रधानमंत्री की इस अपील के पीछे सबसे बड़ा मकसद लोगों को एकजुट करना था। दुनिया को संदेश दिया कि कोराना की जंग में पूरा देश एक है। हर वर्ग के लिए इस मुहिम में सहभागी बनें, लेकिन जगह जगह हुई आतिशबाजी इस मुहिम का हिस्सा नहीं थी। आतिशबाजी की अपील पीएम ने नहीं की थी। लोगों की आतिशबाजी का असर हुआ कि लगातार गिर रहा प्रदूषण का मानक स्तर अचानक बढ़ गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक वैज्ञानिक डीसी पांडेय के अनुसार सोमवार सुबह शामली शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 100 था, जबकि रविवार की सुबह 70 था। जाहिर है कि आतिशबाजी के बाद ये स्तर 30 एक्यूआई बढ़ा है। यदि दो महीने पहले का प्रदूषण मानक स्तर देखें तो शहर में जनवरी में ये स्तर करीब 280 पर था, जो लॉकडाउन के बाद 70 तक पहुंच गया।
शहर का प्रदूषण स्तर (एयर क्वालिटी इंडेक्स )
दो माह पूर्व रविवार सुबह 10 बजे सोमवार सुबह 10 बजे
280 100 70
कोट
कोरोना वायरस चल रहा है। ऐसे में बेहद सावधानी की जरूरत है। आतिशबाजी या कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए, जिससे हवा प्रदूषित हो। ऐसे में लोगों को नजला, खांसी ,जुकाम की शिकायत बढ़ती हैं । सांस लेने में तकलीफ होने पर फेफड़े प्रभावित होते हैं। इसलिए इन सब से बचें।
डॉक्टर विजेंद्र कुमार, प्रभारी आइसोलेशन वार्ड शामली सीएचसी
कोट
प्रदूषण से सांस और दिल के रोगी को तकलीफ होती है। सोमवार को उनके यहां अन्य दिनों की तुलना में सामान्य खांसी जुकाम के तीन चार मरीज भी अधिक आए हैं। ऐसे माहौल में लोग संभले। संक्रमण रोकने के साथ प्रदूषण आदि पर रोक के लिए ही लॉकडाउन किया गया है। बेहतर होगा कि सभी पालन करें।
डा.तेज सिंह, फिजीशियन