बाबरी। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुपालन में काली, हिंडन और कृष्णा नदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का ड्रोन से सर्वेक्षण कराया जाएगा।
उत्तर प्रदेश भू-स्थानिक निदेशालय और भारतीय सर्वेक्षण विभाग (सर्वे ऑफ इंडिया) की ओर से होने वाले सर्वेक्षण में नदियों के दोनों ओर करीब पांच किलोमीटर क्षेत्र को शामिल किया जाएगा। परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर रविकांत ने बताया कि सर्वेक्षण सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक ड्रोन के माध्यम से किया जाएगा। इसका उद्देश्य नदियों के आसपास के क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और संभावित बाढ़ क्षेत्र का वैज्ञानिक तरीके से आकलन कर फ्लड प्लेन का निर्धारण करना है। लोगों से सर्वेक्षण टीम का सहयोग करने और ड्रोन को लेकर किसी तरह की अफवाह नहीं फैलाने की अपील की गई है।
अधिकारियों के अनुसार सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर नदी के संभावित बाढ़ क्षेत्र को चिह्नित करने में मदद मिलेगी। इससे भविष्य में बाढ़ की स्थिति का आकलन करने के साथ नदी क्षेत्र के बेहतर प्रबंधन में भी सहायता मिलेगी।