शामली। जिला जज न्यायालय, कार्यालय और आवासों के डिजाइन और नक्शे लेकर दो निर्माण एजेंसियां आईं थीं। राजकीय निर्माण निगम संसदीय भवन मॉडल व एनडीएस एजेंसी का कलक्ट्रेट मॉडल था। दोनों निर्माण एजेंसियों के मॉडल हाईकोर्ट के मानक के अनुरूप नहीं मिले। मानक पूरे होने के बाद दोनों निर्माण एजेंसियों को अपने नक्शे लेकर बीस जनवरी को डिजाइन के साथ बैठक में बुलाया गया है।
सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम ओपी वर्मा, जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र बाबू शर्मा की अध्यक्षता में जिला जज न्यायालय और कार्यालय, आवासों के निर्माण के लिए निर्माण एजेंसी की बैठक हुई। डीएम ओपी वर्मा ने अवगत कराया कि जिला जज न्यायालय, कार्यालय और आवास के लिए 50 एकड़ अथवा 150 लाख वर्ग मीटर आरक्षित है।
न्यायालय और कार्यालयों के लिए राज्य निर्माण निगम सहारनपुर एवं एनडीएस गाजियाबाद की निर्माण एजेंसियों को बुलाया गया था। राजकीय निर्माण निगम जिला जज एवं कार्यालयों के कलक्ट्रेट मॉडल व एनडीएस गाजियाबाद संसदीय मॉडल व नक्शे लेकर पहुंचे थे। जिला जज राजेंद्र बाबू शर्मा एवं डीएम ने एजेंसियों के मॉडल और नक्शों को अवलोकन किया।
इनके मॉडल और नक्शे हाईकोर्ट के मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। डीएम ओपी वर्मा ने जिला जज न्यायालय एवं कार्यालय के हाईकोर्ट के अनुरूप नक्शे और मॉडल लेकर बीस जनवरी को बैठक में बुलाया है। राजकीय निर्माण निगम के महाप्रबंधक प्रदीप मित्तल, प्रोजेक्ट मैनेजर संजय सिंह, एनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर सलाहकार के अलावा डीआरडीए के सहायक अभियंता दिनेश सिंघल, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एसपी सिंह व सहायक अभियंता पीआर शर्मा मौजूद रहे। सहायक अभियंता ने बताया कि बैठक में जिला जज कार्यालय, न्यायालय का निर्माण प्रथम व द्वितीय तल पर होगा। ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग होगी।