शामली। मेरठ-करनाल हाईवे की किसानों की भूमि अधिग्रहण किए जाने के मामले में लांक और झिंझाना क्षेत्रों के किसानों ने कलक्ट्रेट में डीएम जसजीत कौर और प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा को ज्ञापन देकर पैमाइश करने व मुआवजा देने की मांग की।
शुक्रवार को मेरठ-करनाल हाईवे की जद में लांक, हसनपुर, झिंझाना क्षेत्र के कई गांवों के किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। शामली गन्ना परिषद के पूर्व चेयरमैन वीरसिंह मलिक के नेतृत्व में किसानों ने ज्ञापन में अवगत कराया कि मेरठ- करनाल हाईवे 709ए के चौड़ीकरण के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की जा रही है। मौके पर पिलर लगाकर निशानदेही भी की गई है। खुदाई की जा रही है, लेकिन किसानों को कोई भी सूचना नहीं दी गई है। वर्ष 2014 में भूमि अधिग्रहण की गई, उस समय किसानों को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन वर्ष 2020-21 में भूमि अधिग्रहण के बाद जिला प्रशासन द्वारा कोई सूचना नहीं दिए जाने से किसानों को नुकसान हो रहा है। किसानों ने हाईवे के स्थलीय अभियंता की मौजूदगी में मौके पर सेटेलाइट अन्य माध्यम से पैमाइश कराकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
डीएम जसजीत कौर व गन्नामंत्री सुुरेश राणा को दिए गए ज्ञापन देने वाले लांक गांव के ओमसिंह, नीटू, प्रमोद, सोहनवीर, महावीर, रविंद्र, सहंसरपाल, सिकंदर, अरुण, सीमा, लाली, रणधीर, तेजपाल, तेजा, संजीव, सौरभ आदि मौजूद रहे। मेरठ- करनाल हाईवे की जद में आने झिंझाना क्षेत्र के तलहाई मोहल्ले के अरविंद कुमार, दिनेश कुमार, सुरेश, जाहिद, खालिद, साधना, सुबराती ने ज्ञापन में कहा कि मेरठ-करनाल हाईवे की जद में केरटू के पास 180 वर्ग मीटर वाणिज्य भूमि है। जिसमें उनकी भूूमि व दुकानें हैं। खाली भूमि व दुकानों को राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों द्वारा अधिग्रहण किया जारहा है। पीड़ितों ने मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
शामली कलक्ट्रेट में डीएम से वार्ता करते किसान।- फोटो : SHAMLI