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-दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे: लापरवाही के लिए आखिर कौन जिम्मेदार

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शामली-सहारनपुर मार्ग की र्निमाणधीन सड़क - फोटो : SHAMLI
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दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे: लापरवाही के लिए आखिर कौन जिम्मेदार
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शामली। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की आपत्ति के बाद दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे का निर्माण कार्य पांच दिन से रुका हुआ है। मंत्रालय से उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण ने एनओसी ली थी। बाद में प्रोजेक्ट एनएचएआई को हस्तांतरित हो गया। एनएचएआई की ओर से मंत्रालय से एनओसी नहीं ली गई। बिना अनुमति के इस प्रोजेक्ट पर तीन साल तक निर्माण कार्य चलता रहा। इस चूक के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है। हालांकि अब मंत्री जिले के भाजपा के सांसद और विधायक इस मामले को जल्दी समाधान कराकर हाईवे निर्माण कराने का दावा कर रहे हैं।
दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे के निर्माण के लिए प्रक्रिया करीब वर्ष 2010 से प्रारंभ हो गई थी। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 में इस प्रोजेक्ट को उपशा से भारत सरकार के एनएचएआई को हस्तांतरित कर दिया था। एनएचएआई ने बागपत में अपनी इकाई स्थापित करने के बाद इस हाईवे का दो चरणों में निर्माण कार्य पूरा करने के लिए परियोजना तैयार की। हाईवे के प्रथम चरण में बागपत से लेकर शामली जिले के बलवा बाईपास की सीमा तक कार्य खत्म हुए एक साल हो चुका है। दूूसरे चरण में पिछले दो साल मेें पचास प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। शामली से सहारनपुर तक दूूसरे चरण में पचास प्रतिशत कार्य अधूरा है। एक सितंबर को सामाजिक वानिकी प्रभाग सहारनपुर के प्रभागीय निदेशक आईपी सिंह ने एनएचएआई के परियोजना निदेशक संजय मिश्रा को पत्र भेजकर हाईवे का निर्माण कार्य रुकवा दिया। करीब पांच दिन से हाईवे पर निर्माण कार्य बंद है। इस मामले में एनएचएआई बागपत इकाई के परियोजना निदेशक संजय मिश्रा भी कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं।
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क्या है विवाद
दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे के निर्माण के लिए उपशा ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से 31 मई 2013 को सैद्घांतिक अनुमति मांगी गई थी। 28 मई 2014 को विधिवत अनुमति मिली थी। अब एनएचएआई द्वारा हाईवे चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। सामाजिक वानिकी प्रभाग सहारनपुर के निदेशक आईपी सिंह का कहना कि उपशा को पूर्व में हस्तांतरित संरक्षित वन भूमि पर यदि एनएचएआई द्वारा कार्य कराया जाता है, तो पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की एनओसी लेनी होगी। एनएचएआई द्वारा दिल्ली-शामली-सहारनपुर मार्ग का निर्माण नियम विरुद्ध है।
हर स्तर से वार्ता जारी
दिल्ली- शामली-सहारनपुर हाईवे का मामला उनके संज्ञान में है। मामला सुलझाने के लिए हर स्तर पर वार्ता चल रही है। शीघ्र ही मामला निस्तारण करके हाईवे का निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा। सुरेश राणा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री उत्तर प्रदेश शासन।
परियोजना निदेशक से वार्ता हुई, शीघ्र समाधान होगा-
दिल्ली- शामली, सहारनपुर हाईवे के मामले में एनएचएआई बागपत इकाई के परियोजना निदेशक संजय मिश्रा से मोबाइल से बातचीत हुई थी, जल्दी ही यह विवाद समाप्त हो जाएगा। हाईवे का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा- संजीव बालियान केंद्रीय राज्य मंत्री
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मुख्यमंत्री की प्राथमिकता की परियोजना
दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे निर्माण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाली परियोजना में शामिल है। शीघ्र ही विवाद का समाधान कराया जाएगा- प्रदीप चौधरी सांसद कैराना लोकसभा क्षेत्र।
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