फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे: एनएचएआई ने वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से मांगी एनओसी

विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे का निर्माण के लिए एनएचएआई ने आखिरकार वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी मांग ली है। वन प्रभागीय निदेशक आईपी सिंह की आपत्ति के बाद शामली से सहारनपुर तक हाईवे और बाईपास कार्य बंद पड़ा हुआ है।
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण उपशा दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे निर्माण कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले उपशा ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से 31 मई 2013 को सैद्घांतिक अनुमति मांगी थी। जिसमें 28 मई 2014 को विधिवत स्वीकृति मिल गई थी थी। सरकार आने पर उपशा से प्रोजेक्ट हस्तांतरित होकर एनएचएआई के पास चला गया था। एनएचएआई ने वर्ष 2018 में निर्माण कार्य शुरू किया था। परियोजना का पहला चरण का निर्माण एक साल पूर्व पूरा हो चुका है। अब शामली से सहारनपुर तक हाईवे निर्माण कार्य चल रहा है।
दूूसरे चरण में पिछले दो साल में 50 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है, लेकिन एक सितंबर को सामाजिक वानिकी प्रभाग सहारनपुर के प्रभागीय निदेशक आईपी सिंह ने एनएचएआई के परियोजना निदेशक संजय मिश्रा को पत्र भेजकर हाईवे का निर्माण कार्य रुकवा दिया। इसके लिए उन्होंने तर्क दिया था कि हाईवे के निर्माण के लिए उपशा को पूर्व में हस्तांतरित संरक्षित वन भूमि पर निर्माण की अनुमति दी गई थी। अब यदि एनएचएआई निर्माण कार्य करा रहा है तो उसे नए सिरे से अनुमति लेनी होगी। अनुमति के बाद ही निर्माण कराया जा सकता है।
विज्ञापन

उधर दिल्ली- शामली,सहारनपुर हाईवे का निर्माण करने वाली मेरठ की कृष्णा कंपनी के जितेंद्र बालियान का कहना है कि एनएचएआई बागपत इकाई ने उपशा को मिली एनओसी को अपने नाम हस्तांतरण के लिए आवेदन कर दिया है।
-------------------
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर हड़कंप
इसी माह 20 सितंबर से पहले सीएम योगी का जिले का दौरा प्रस्तावित है। दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाले विकास कार्यों में है। हाईवे का निर्माण रुकने से अधिकारियों में हड़कंप मचा है। जनप्रतिनिधि भी इस विवाद को निपटाने में जुटे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति मिल जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें