शामली। बरसात के मौसम में नमी बनने और जगह-जगह जलभराव होने से करंट का खतरा रहता है। इस मौसम में करंट से बचाव के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार का कहना है कि नमी व पानी में अर्थिंग की वजह से करंट आने का खतरा बना रहता है। करंट की चपेट में आए व्यक्ति को जल्द से जल्द अस्पताल ले जाकर उपचार कराएं। निजी चिकित्सक फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग ने बताया कि करंट की तीव्रता पर निर्भर करता है कि व्यक्ति पर कितना और कहां असर डालता है। हल्का करंट झटका देता है, जबकि तेज करंट शरीर को नुकसान पहुंचाता है। करंट से बचाव करना ही सबसे जरूरी है। फिर भी अगर कोई करंट की चपेट में आ जाए, तो अतिशीघ्र चिकित्सक के यहां ले जाना चाहिए।
-----
ऐसे करें बचाव
- नमी और पानी वाले स्थान पर नंगे पैर न जाएं।
- बिजली का इस्तेमाल करते समय रबर या प्लास्टिक की चप्पल पहनें।
- पानी में भीगे तारों को न छूएं।
- करंट संबंधी सूचना डायल 1912 पर तुरंत दें।
- सड़क पर विद्युत खंभे व तारों को न छूएं।
- बिजली के उपकरण या तार को खुद को ठीक कर मैकेनिक से कराएं।
---
करंट की चपेट में आने पर ये करें
- करंट लगने पर अतिशीघ्र चिकित्सक के यहां ले जाकर उपचार कराएं।
- करंट से पीड़ित व्यक्ति से अस्पताल तक जाते समय बात करते रहेें।
- करंट लगने के बाद पीड़ित को खाने-पीने को न दें।
- चिकित्सक के यहां ले जाने तक हाथ पैर की मालिश और शरीर थपथपाते रहे।
--------
करंट से मौत होने के कारण
शामली। निजी चिकित्सक कंसलटेंट फिजिशियन पंकज गर्ग ने बताया कि दो तरह का हाई टेंशन व घरेलू करंट होता है। हाईटेंशन करंट ज्यादा खतरनाक और जानलेवा होता है। करंट लगने के बाद उसका कई तरह से असर होता है। करंट व्यक्ति के दिल पर गहरा असर डालता है। सांस रुकने की आशंका रहती है। दिमाग पर सूजन आने का खतरा रहता है।
-------
करंट की चपेट में आने से बचा सिपाही
शामली। वीवी इंटर कालेज रोड पर करंट की चपेट में आए छात्र को पानी से निकालने के लिए कोतवाली के सिपाही ने गाड़ी में जूते उतारकर जैसे ही नीचे पैर रखा तो उसे करंट लगा, तो उसने तुरंत गाड़ी में वापस पैर खींच लिया। इसके बाद पुलिस ने विद्युत निगम को सूचना देकर आपूर्ति बंद कराई और इसके बाद छात्र को पानी से निकालकर सीएचसी ले गई।